बिजली की दर बढ़ने से लौह उद्योगों के मुनाफे में कमी आई
रायपुर
बिजली की दरों में हुई बढ़ोतरी की वजह से प्रदेश के लौह उद्योगों की हालत काफी खराब होती जा रही है। बताया जा रहा है कि स्टील प्लांटों में उत्पादन में 25 फीसद की गिरावट कर दी गई है। साथ ही उद्योगपतियों ने फैसला लिया है कि एक अगस्त से अपने प्लांटों में केवल एक शिफ्ट में ही उत्पादन किया जाएगा, ताकि लगातार हो रहे नुकसान को कम किया जा सके।
उद्योगपतियों से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में 150 मिनी स्टील प्लांट है। ये प्लांट छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कुल उत्पादन का करीब 30 फीसद सबसे बड़ा उपभोक्ता है। साथ ही विद्युत मंडल को 30 फीसद राजस्व भी देता है।
इसके साथ ही लगभग दो लाख परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार दे रहा है। स्टील उद्योगों के विद्युत दर 2009-10 से 2018-19 के बीच में 212 फीसद बढ़ चुके हैं। वहीं पड़ोंसी राज्यों जैसे महाराष्ट्र, ओड़िशा, तेलंगाना, पंजाब आदि राज्यों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है।
उद्योगपतियों का कहना है कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाला लोहा सस्ता पड़ता है और इसके चलते इन्हें प्रदेश में भी अपना लोहा सस्ता करना पड़ता है। इससे भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। छत्तीसगढ़ मिनी स्टील प्लांट एसोसिएशन के महासचिव मनीष धुप्पड़ ने कहा कि लगातार हो रहे नुकसान को देखते हुए फैसला लिया गया है कि एक अगस्त से केवल एक शिफ्ट में ही उत्पादन किया जाएगा।
bhavtarini.com@gmail.com 