बुढ़ापे का सहारा बना प्रधानमंत्री आवास योजना में मिला पक्का घर
भोपाल
जिंदगी के 80 वर्ष कच्चे घर में बिता चुके मदनलाल का परिवार और 75 बसंत बिता चुकी इरफान शाह की दादी जन्नत-बी उन खुश किस्मत लोगों में से हैं, जिन्हें जिंदगी के अंतरार्थ में ही सही, प्रधानमंत्री आवास से स्वयं के पक्के मकान में रहने का आनंद मिला है। इनके पक्के घर का सपना पूरा हो गया है।
देवास जिले में बागली विकासखण्ड के ग्राम करोंदिया निवासी मदनलाल पिता अमराजी को प्रधानमंत्री आवास योजना में शौचालययुक्त पक्का घर स्वीकृत हुआ है। मदनलाल पिछले 80 वर्षों से कच्चे घर में रहते आँधी, पानी, बरसात, गर्मी, सर्दी की मार झेल रहे थे। उन्होंने सपने में भी कल्पना नहीं की थी कि उनके पास खुद का पक्का घर हो पायेगा और पूरा परिवार सुरक्षित तथा सुखपूर्वक रह पायेगा। प्रधानमंत्री आवास योजना से उनकी खुद के पक्के घर की मुराद पूरी हो गई है।
रतलाम शहर की विरियाखेड़ी बस्ती के इरफान शाह को कच्चे आवास को पक्का बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना में ढाई लाख रूपये मिले हैं। इरफान मानसिक रूप से कमजोर है। इरफान का लालन-पालन उनकी दादी जन्नत-बी ने कच्चे टपरे में रहकर घास-पत्ती बेचकर किया है। जन्नत-बी को 75 वर्ष की उम्र में पोते इरफान के नाम से प्रधानमंत्री आवास मिल गया है। इस उम्र में ही सही, पक्का आशियाना तो मिला।
डिण्डौरी जिले के रमेश मरावी का सपने का घरोदा प्रधानमंत्री आवास अब सब को दूर से ही नजर आने लगा है। रमेश कहता है जब पक्का घर देखता हूँ, तो दिल में खुशी और गर्व होता है।
होशंगाबाद जिले के ग्राम रायपुर के 80 वर्षीय चिमनलाल पिता धीरा कहार 300 रूपये वृद्धावस्था पेंशन से अपना जीवन बसर कर रहे हैं। इस उम्र में जब उन्हें पक्के आवास के रूप में प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति की खबर मिली, तो उनकी 25 वर्ष पहले साथ छोड़ चुकी पत्नि की यादे फिर ताजा हो गई। वह सोचते हैं कि काश यह सपना उस समय पूरा हो जाता। चना-मुरमुरा बेचकर जीवन बसर कर रहे चिमनलाल का जीवन का अंतिम पड़ाव चैन से गुजर रहा है।
bhavtarini.com@gmail.com 
