राजद को जेपी-लोहिया जयंती मनाने का अधिकार नहीं : मोदी

राजद को जेपी-लोहिया जयंती मनाने का अधिकार नहीं : मोदी

 पटना 
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि जिस जेपी ने नेहरू से इंदिरा गांधी तक, कभी कांग्रेस से समझौता नहीं किया, उनकी जयंती मनाने का राजद को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। डॉ. लोहिया भी आजीवन कांग्रेस के विरोधी रहे। कांग्रेस अगर लालू राज के घोटालों पर चुप रही तो राजद ने यूपीए सरकार के दस वर्षों में हुए लाखों करोड़ के घोटालों पर चुप्पी साध कर दोस्ती निभाई।

शुक्रवार को ट्वीट कर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुशासन और तानाशाही के खिलाफ लोकनायक ने ऐतिहासिक आंदोलन किया। इस आंदोलन का दमन करने के लिए कांग्रेस ने उन्हें जेल में डाल कर यातना दी। इस कारण उनकी किडनी खराब हो गई। उसी दमनकारी कांग्रेस से हाथ मिलाकर लालू प्रसाद ने राबड़ी देवी की अल्पमत सरकार के लिए बहुमत जुटाया था। ऐसे में किस आधार पर राजद जेपी जयंती मनाता है। महान समाजवादी विचारक लोहिया कांग्रेस और नेहरू की नीतियों के प्रबल विरोधी थे। उनके नेतृत्व में विरोधी दलों के संघर्ष से 1967 में पहली बार देश के 9 राज्यों में गैर कांग्रेसी सरकारें बनी थीं। लोहिया के आदर्श और गैरकांग्रेसवाद को 20 साल पहले ही दफन कर देने वाले लालू प्रसाद की पार्टी अब कांग्रेस की गोद में बैठकर लोहिया जयंती मनाने का ऩाटक करने जा रही है।