राजिम एनीकट : गंदे पानी की निकासी के लिए किया जा रहा ड्रेन का निर्माण

राजिम एनीकट : गंदे पानी की निकासी के लिए किया जा रहा ड्रेन का निर्माण

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को सत्तापक्ष के विधायक धनेंद्र साहू द्वारा राजिम एनीकट के ऊपरी हिस्से में जमा सिल्ट के उठाए गए मामले के जवाब में कृषि मंत्री ने बताया कि एनीकट में जमे गंदे पानी की निकासी के लिए ड्रेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है और कब तक बनकर तैयार हो यह तारीख बता पाना संभव नहीं हैं।

प्रश्नोत्तरकाल के दौरान धनेंद्र साहू द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बताया कि राजिम एनीकट के ऊपरी हिस्से में कुलेश्वर मंदिर तक पैरी नदी एवं महानदी में कुंभ मेला हेतु हर साल अस्थायी सड़क मार्ग गिट्टी, मुरुम से बनाने को काफी बड़े पैमाने पर सिल्ट जमा होने का कारण मानना उचित नहीं है। राजिम में महानदी पर एनीकट का निर्माण किया गया है जिसके जलद्वार मानूसन-बाढ़ अवधि में खोलकर रखे जाते है जिससे एनीकट के ऊपरी भाग में जमा मुरुम व मलबा आदि बह जाता है। आवश्यकतानुसार बहाव कम होने पर गेट बंद भी किए जाते है, फिर भी एनीकट संरचना का निर्माण नदी के बहाव में एक अवरोध है, नदी में बाढ़ के कारण रेत/सिल्ट/मिट्टी आदि बहकर आती है तथा बहाव में अवरोध आने पर एवं बहाव में कमी होने पर यह रेत/सिल्ट जमा हो जाती है जो कि एक प्राकृतिक तथा सतत् प्रक्रिया है।

कृषि मंत्री ने सदन को बताया कि नदी में जमा हो चुकी सिल्ट (रेट) को बाहर निकालने हेतु अनुमति दिया जाना कलेक्टर (खनिज शाखा) / खनिज साधन विभाग के कार्य क्षेत्र अंतर्गत आता है। इस विभाग द्वारा तत्संबंध में जानकारी नहीं दी जा सकती है। गंदे पानी की निकासी के लिए ड्रेन का निर्माण कार्य प्रगति पर है, निश्चित समयावधि बताया जाना संभव नहीं हैं।