लंबे नाखून रखने का शौक सेहत पर पड़ सकता है भारी, गर्भावस्‍था में दे ज्‍यादा ध्‍यान

लंबे नाखून रखने का शौक सेहत पर पड़ सकता है भारी, गर्भावस्‍था में दे ज्‍यादा ध्‍यान


कई महिलाओं को हाथों की खूबसूरती बढ़ाने के साथ ही नाखून बढ़ाने की आदत होती हैं। हालांकि कई महिलाएं सुंदर नाखूनों के ल‍िए मेनीक्‍योर पर खूब ध्‍यान रखती हैं। लेक‍िन आप जानते हैं क‍ि ज्‍यादा लंबे नाखून रखना सेहत के ल‍िए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ज्‍यादा लंबे नाखून रखने से इंफेक्‍शन और कई समस्‍या हो सकती हैं। इसल‍िए समय-समय पर घर के बड़े-बुर्जुग आपको नाखून काटने की सलाह देते रहते हैं। आइए जानते हैं क‍ि ज्‍यादा लंबे नाखून रखने से क्‍या-क्‍या समस्‍या हो सकती हैं।


कैसे बनते हैं नाखून
वैसे आपको मालूम होना चाह‍िए क‍ि नाखून केराटिन (Keratin) नामक एक प्रोटीन से बने होते हैं। ये पैर और हाथ की उंगलियों के संवेदनशील पोर की सुरक्षा करते हैं। बालों में भी ये ही केराटिन नामक प्रोटीन मौजूद होता है।

गंभीर संक्रमण का होता है खतरा
दरअसल लंबे और गंदे नाखून संभावित रूप से संक्रमण जैसे कि पिनवर्म्स पैदा कर सकते हैं। लंबे और गंदे नाखून में अधिक गंदगी और घातक बैक्टीरिया होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर संक्रमण हो सकता है। वहीं नाखून में पाए जाने वाले बैक्टीरिया दस्त और उल्टी का कारण बनते हैं। ये बच्चों में तो बहुत ही आम है। नाखून गंदे हैं, तो रोगाणु आसानी से उनके शरीर में जा सकते हैं और संक्रमण हो सकता है। इसलिए बच्चों के नाखूनों को समय-समय पर काटते रहना चाहिए। वहीं बच्चे कई बार खुजली से राहत देने के लिए खुद को नाखून से खरोंचकर चोट पहुंचा लेते हैं।

बच्‍चों के नाखूनों का रखें ध्‍यान
कई अध्ययनों में सामने आया है कि नाखून में पाए जाने वाले बैक्टीरिया, बच्चों में दस्त और उल्टी का कारण बनते हैं। छोटे बच्चों की मां को भी अपने नाखूनों पर विशेष ध्यान देना चाहिए, लंबे नाखून उनकी खुद की सेहत के लिए तो खराब हैं, साथ ही बच्चे को भी संक्रमित कर सकते हैं। ऐसे में बच्चे को मां के लंबे नाखून से चोट लगने की आशंका अधिक होती है।

गर्भावस्‍था में रखें ध्‍यान
गर्भावस्था के दौरान, हॉर्मोन और मल्टीविटामिन के सेवन के साथ, नाखून सामान्य से अधिक तेज गति से बढ़ते हैं लेकिन वह पतले और नाजुक हो सकते हैं जिसके परिणामस्वरूप नाखून किसी भी चीज में फंस सकते हैं। यदि ये गंदे हों, तो संक्रमण हो सकता है, जो मां और भ्रूण के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।


नाखून से ज्‍यादा होते हैं संक्रमित
कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी हैं क‍ि नाखून उंगलियों से दोगुने गंदे होते हैं इसलिए इनमें बैक्टीरिया की आशंका भी अधिक होती है। ऐसे में नाखून चबाते वक्त ये मुंह के रास्ते शरीर में प्रवेश करते हैं और संक्रमण हो जाता है। लगातार दांत चबाते रहने से दांत खराब हो जाते हैं।

साबुन से केवल हाथ धोना सही तरीका नहीं
अच्छे स्वास्थ्य के लिए नाखून को साफ और ठीक से काटकर रखना जरूरी है। नाखूनों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए साबुन से केवल हाथ धोना सही तरीका नहीं है। किसी भी फंगल संक्रमण से बचने के लिए हाथों को नाखूनों सहित साफ करना आवश्यक है। ज्‍यादा लंबे नाखून रखने से कई तरह के रोगों को बढ़ावा मिलता है।