
शहडोल। शहडोल से एक दर्द विदारक खबर आ रही है। यहां मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई का प्रेशर घटने से 6 कोविड मरीजों की मौत हो गई। ये सभी ICU में भर्ती थे। घटना शनिवार रात 12 बजे की बताई जा रही है। लोगों के मुताबिक ऑक्सीजन कम होते ही मरीज तड़पने लगे थे। सुबह होते-होते एक-एक करके सभी 6 लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया। सूत्रों के मुताबिक, 6 और मरीजों ने दम तोड़ दिया है। हालांकि, 6 और मौतों की पुष्टि होना अभी बाकी है। कुल 12 मौतों की खबर है। हड़कंप मचते देख अस्पताल प्रबंधन सिलेंडर्स की व्यवस्था में रात से ही जुट गया था। प्रशासनिक अधिकारी भी रात में ही मौके पर पहुंच गए थे। इसके पहले जब तक सिलेंडर्स की व्यवस्था हो पाती एक-एक करके 6 मरीजों की सांसों की डोर टूट गई। रविवार सुबह 6 बजे 6 मरीजों की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार की देर रात तकरीबन 11:30 बजे मेडिकलकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में अचानक ऑक्सीजन आपूर्ति में बाधा होने के कारण 6 लोगो ने दम तोड़ दिया है, जबकि 01 मरीज की मौत रविवार को हुई है।
मौत का तांडव
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, तकरीबन 10 से 11 मरीज बुरी तरह तड़प रहे हैं जिन की स्थिति काफी गंभीर है। जानकारी के मुताबिक शनिवार की रात 11:30 बजे के आसपास से संक्रमित होने दम तोड़ दिया परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन का स्तर घटते ही यह स्थिति बन रही है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर मृतकों के परिजन आरोप लगा रहे हैं कि जांच और इलाज देर से शुरू होता है जिसके कारण यह स्थिति बन रही है।
कलेक्टर बोले-
मेरे पास अलसुबह 4:30 बजे मेडिकल कॉलेज से फोन आया कि ऑक्सीजन टैंकर का प्रेशर कम हुआ है, जिला अस्पताल से सिलेंडर भेजने की व्यवस्था करें। इस बात की जानकारी होने पर मैंने जिला अस्पताल एवं अनूपपुर जिले के जैतहारी निजी ऑक्सीजन प्लांट से सिलेंडर मंगाने की व्यवस्था की। हमारे पास जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज के कुल मिलाकर 600 से अधिक सिलेंडर हैं। इसके साथ ही दमोह से शहडोल के रास्ते पर ऑक्सीजन टैंकर फंसा हुआ है। मैंने इस संबंध में जब मेडिकल कॉलेज के डीन तथा अधीक्षक डॉ नागेंद्र सिंह से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि लोगों की मौत ऑक्सीजन सप्लाई न मिलने से नहीं हुई है, अन्य क्रिटिकल कारणों से हुई है। मेडिकल कॉलेज की स्थिति पर हम निगाह रखे हुए हैं। स्थिति नियंत्रण में है, हालात अतिशीघ्र ठीक हो जाएगे।
डॉ. सतेंद्र सिंह, कलेक्टर, शहडोल