सकरी प्लांट से निगम को मिली सफलता, कम्पोस्ट खाद का निर्माण प्रारंभ

सकरी प्लांट से निगम को मिली सफलता, कम्पोस्ट खाद का निर्माण प्रारंभ

रायपुर
नगर निगम को सकरी प्लांट में कचरा प्रोसेसिंग एवं निष्पादन के कार्य में बड़ी सफलता मिली। यहां गीले कचरे से लगभग 25 से 30 टन मात्रा में प्रतिदिन कम्पोस्ट खाद का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। प्राकृतिक खाद किसानों, आमजनो  के लिये बाजार में उपलब्ध करवाने आवश्यक फर्टिलाइजर लाइसेंस लेने की प्रक्रिया तत्काल रामकी ग्रुप द्वारा प्रारम्भ कर दी गई है।

रायपुर नगर पालिक निगम को आज सकरी ट्रेचिंग ग्राउंड में अनुबंधित कंपनी रामकी ग्रुप के माध्यम से कचरा प्रोसेसिंग एवं निष्पादन के कार्य में शहर से प्राप्त गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद निर्माण करने राजधानी को सबसे स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। सकरी में प्रतिदिन रायपुर के गीले कचरे से रामकी ग्रुप के माध्यम से लगभग 25 से 30 टन मात्रा में कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जायेगा। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमन्त्री भूपेश बघेल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विगत 24 जून 2020 को सकरी प्लांट का लोकार्पण किया था। निगम अधिकारियों ने बताया कि सकरी प्लांट में प्रतिदिन निर्माण की जाने वाली गीले कचरे की प्राकृतिक खाद को बाजार में किसानों, आमजनो को शीघ्र उपलब्ध करवाने आवश्यक फर्टिलाइजर लाइसेंस राज्य शासन के कृषि विभाग से लेने की प्रक्रिया रामकी ग्रुप द्वारा नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर एवं आयुक्त सौरभ कुमार के निदेर्शानुसार प्रारम्भ कर दी गयी है। प्रतिदिन लगभग 500 टन मात्रा में कचरा राजधानी रायपुर से सकरी प्लांट भेजा जाता है। जिसमें लगभग 300 टन मात्रा में गीला कचरा एवं लगभग 200 टन मात्रा सूखा कचरा भेजा जाता है। इसमें गीले कचरे को कम्पोस्ट खाद बनाने की प्रक्रिया आज से प्रारम्भ हो गयी है। इस प्रक्रिया में खुले मौसम के दौरान लगभग 40 से 50 दिन सामान्य तौर पर  लगते है। अब सकरी प्लांट में प्रतिदिन लगभग 25 से 30 टन मात्रा में गीले कचरे से कम्पोस्ट खाद निर्माण का कार्य नियमित रूप से होगा। सूखे कचरे से रिसाइकल होने वाले प्लास्टिक, कांच इत्यादि को रिसाइकल के लिये भेजा जाता है। शेष प्लास्टिक, कपड़े, इत्यादि आरडीएफ को ईधन के रूप में सीमेंट प्लांट में उपयोग में लाया जाता है.इससे अब सकरी प्लांट में प्रतिदिन रायपुर से भेजा जा रहा लगभग 500 टन कचरा प्रोसेसिंग एवं निष्पादन होने की नियमित प्रक्रिया प्रारम्भ हो गयी है। यह राजधानी रायपुर को स्वच्छ बनाने की दिशा में चल रहे राज्य शासन एवं नगर निगम रायपुर के सतत प्रयासो को मजबूती प्रदान करेगा। इससे समाजहित में शासन एवं नगर निगम के राजधानी में किये जा रहे पर्यावरण संरक्षण को विशेष बल मिलेगा एवं कचरे और बदबू से नागरिकों को स्थाई निजात मिल सकेगी।