अक्टूबर में भी जारी झमाझम, रावण दहन पर संकट के बादल

अक्टूबर में भी जारी झमाझम, रावण दहन पर संकट के बादल

इंदौर
मध्य प्रदेश में इस बार बारिश ने जमकर कहर बरसाया है, सितम्बर माह में हुई झमाझम अक्टूबर में भी जारी है और कई इलाकों में रुक रूककर बारिश का सिलसिला देखने को मिल रहा| जिसके चलते इस बार रावण दहन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं| बारिश को देखते हुए इस बार दशानन को रेनकोट पहना दिया गया है| इंदौर उज्जैन सहित कई क्षेत्रों में रावण के पुतले को प्लास्टिक से ढंका गया है।

इंदौर में चिमनबाग और रामबाग पर वाटरप्रूफ रावण बनाया गया है। हालांकि यहां मैदान में पानी भरा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। शहर में विजयादशमी पर मंगलवार को  डेढ़ दर्जन से अधिक स्थानों पर रावण दहन होना है|  दशहरा उत्सव समितियां इसकी तैयारी में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने परेशानियां खड़ी दी हैं। रविवार को जैसे ही दशहरा मैदान पर रावण के पुतले के विभिन्न हिस्सों को जोड़कर खड़ा करना शुरू किया वैसे ही तेज बारिश होने लगी। हालांकि काफी मशक्कत के बाद पुतले को खड़ा किया गया लेकिन परेशानी बरकरार रही। इसके चलते पुतले को प्लास्टिक से ढंका गया। चिमनबाग में 110 फीट और रामबाग पर 101 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया है। चिमनबाग दशहरा उत्सव समिति के सदस्यों का कहना है कि मैदान में भरा पानी मोटर से निकाला जा रहा है।  

दशहरा मैदान में रावण के पुतले को लोहे के स्ट्रक्चर पर खड़ा किया जाएगा। पुतले को वाटर प्रूफ ड्रेस पहनाई जाएगी। रावण के सिर पर छतरी भी रहेगी। यह सब इंतजाम बारिश नहीं थमने के कारण आयोजकों को करना पड़ रहे हैं। दशहरा मैदान में 8 अक्टूबर की रात रावण दहन होगा। 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का निर्माण अंतिम दौर में है लेकिन शुक्रवार से फिर से शुरू हुए बारिश ने आयोजकों को नए सिरे से व्यवस्था करने के लिए विवश कर दिया है।