अजय को रविंद्र की नसीहत वाणी में लाइये विनम्रता
रायपुर
गांधी जयंती पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र का नजारा भी सामान्य सत्रों की तरह ही चलता रहा। गांधीजी के नाम पर पक्ष और विपक्ष के सदस्य उनके आदर्शों पर एक-दूसरे पर कटाक्ष करते ही दिखाई दिए। पहले सौरभ सिंह और बाद में अजय चंद्राकर के सवालों और टिप्पणियों से सदन गर्मता रहा।
संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने विपक्षी विधायक अजय चंद्राकर को नसीहत देते हुए कहा कि आप भी पहले अपनी वाणी में विनम्रता लें आए तो गांधीजी के आदर्शों का पालन कुछ हद तक कर सकेंगे। सरकार की योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी को लेकर व्यंग्यात्मक तरीके से अजय चंद्राकर बातें करते हैं, लेकिन इसे समझने का प्रयास नहीं करते और न ही इसके बारे में उनकी सोच दिखाई देती है। चौबे ने कहा कि भगत सिंह, अम्बेडकर और सुभाषचंद्र बोघ से गांधीजी की असहमति थी तथा कृपलानी से मतभेद थे? गोडसे की हिंसा को आप अम्बेडकर, कृपलानी और सुभाष चंद्र बोस से जोड़ रहे हैं यह दुर्भाग्य है, ये आपकी वैचारिक दरिद्रता को प्रदर्शित करता है।
चौबे के इस बयान पर चंद्राकर ने कहा कि सरकार घुमा फिराकर क्यों बात कर रही है, आखिर इस पर चर्चा क्यों सदन में नहीं कराई जाती है। मंत्री ने जबाव दिया कि 19 हजार गांव है छत्तीसगढ़ में, अभी हमने केवल 2 हजार गांवों में यह योजना शुरू की है।
bhavtarini.com@gmail.com 
