खुलासा: किशोर-बच्चों को नशे का सामान बेच रहीं महिलाएं
नई दिल्ली
नई दिल्ली इलाके में बड़ी तादाद में बच्चे खुलेआम स्लोचन व थिनर का नशा करते मिल जाएंगे। इन बच्चों तक नशे का यह सामान महिलाओं के माध्यम से पहुंच रहा है। पुलिस ने यह खुलासा कोर्ट में दाखिल एक रिपोर्ट में किया है। पुलिस का कहना है कि क्योंकि महिलाओं पर आसानी से संदेह नहीं होता, इसी का फायदा उठाते हुए वह इस तरह के कृत्य को अंजाम दे रही हैं।
पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंटिल की अदालत में नाबालिगों को नशे का सामान बेचने के मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने यह दावा किया। पुलिस का कहना था बड़ी संख्या में बच्चे नशे की जद में आ रहे हैं। हैरत की बात यह है कि नई दिल्ली इलाके में पांच से 15 साल की उम्र की बीच के बच्चे स्लोचन व थिनर का नशा करने के आदी हो रहे हैं। इस नशे को पकड़ना आसान नहीं होता। खासतौर पर इस नशे के स्पलायर तक पहुंचना एक चुनौती है, क्योंकि बच्चों पर दबाव नहीं बनाया जा सकता। चिंता की बात यह है कि बच्चे नशे की शुरुआत इसी से कर रहे हैं।
अपराध बढ़ने की मुख्य वजह बन रहा नशा
पुलिस ने मामले की जांच कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। पुलिस का कहना है कि पांच से 15 साल के बच्चे चोरी व झपटमारी के अपराधों में सबसे ज्यादा पकड़े जा रहे हैं। इसकी मुख्य वजह नशे की पूर्ति के लिए उनका अपराध की दुनिया में आना है। इन बच्चों को हर समय इस तरह का नशा करने की आदत पड़ जाती है तो इसको खरीदने के लिए वह अपराध को अंजाम देते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें पकड़े जाने का भय भी नहीं पाया जा रहा। क्योंकि, उन्हें बताया जाता है कि अगर वह पकड़े गए तो भी उन पर कार्रवाई नहीं होगी।
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