नक्सल प्रभावित बस्तर सीट के लिए नामांकन शुरू, 10,000 कर्मचारी कराएंगे चुनाव
रायपुर
छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए सोमवार 18 मार्च से से बस्तर लोकसभा सीट के लिए नामांकन दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो रही है. प्रथम चरण में 11 अप्रैल को छत्तीसगढ़ की एकमात्र सीट बस्तर के लिए वोट पड़ेंगे. चुनाव आयोग के मुताबिक इस बार रिकार्ड 13 लाख 72 हजार से अधिक मतदाता वोट करेंगे. इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 6 लाख 59 हजार 824 और महिला मतदाताओं की संख्या 7 लाख 12 हजार 127 है. बस्तर संभाग के छह जिलों और आठ विधानसभा क्षेत्रों को समेटे आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित इस सीट में पुरुषों मतदाताओं की संख्या की तुलना में महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है.
निर्वाचन आयोग ने चुनाव के लिए बस्तर के कलेक्टर डॉ अयाज तंबोली को रिटर्निंग ऑफिसर और संसदीय क्षेत्र के अन्य कलेक्टरों को सहायक रिटर्निंग ऑफिसर बनाया है. नक्सल प्रभावित बस्तर में शांतिपूर्ण चुनाव कराने की चुनौती को देखते हुए काफी संख्या में सुरक्षा व्यवस्था में फोर्स की तैनाती की गई है. इसके लिए प्रशासन और पुलिस के अधिकारी रणनीति बनाने में जुटे हैं.
लोकसभा चुनाव के लिए संसदीय क्षेत्र में 1630 स्थानों में 1878 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं. संसदीय क्षेत्र में शामिल विधानसभा क्षेत्रों में कोंडागांव में 229, नारायणपुर में 257, बस्तर में 197, जगदलपुर में 233, चित्रकोट में 229, दंतेवाड़ा में 273, बीजापुर में 245 और कोंटा में 215 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं.
संख्या के लिहाज से बस्तर संसदीय क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाता जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में हैं. जगदलपुर में 91 हजार 425 पुरुष और 97 हजार 327 महिला मतदाता है. कोंडागांव में 82 हजार 264 पुरुष और 85 हजार 854 महिला, नारायणपुर में 86 हजार 699 पुरुष और 92 हजार 259 महिला मतदाता है. इसी तरह बस्तर में 75 हजार 786 पुरुष और 79 हजार 460 महिला, चित्रकोट में 79 हजार 49 पुरुष और 88 हजार 199 महिला, दंतेवाड़ा में 89 हजार 506 पुरुष और 98 हजार 372 महिला मतदाता हैं. साथ ही बीजापुर में 77 हजार 637 पुरुष और 84 हजार 129 महिला और कोंटा में 77 हजार 458 पुरुष और 86 हजार 661 महिला मतदाता शामिल हैं. थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 42 है. सर्विस वोटरों की संख्या 993 है.
विधानसभा चुनाव की तर्ज पर लोकसभा चुनाव में भी संगवारी मतदान केन्द्र बनाए जाएंगे. बस्तर एवं दंतेवाड़ा में पांच-पांच और अन्य विधानसभा क्षेत्रों में दो-दो मतदान केन्द्र संगवारी होंगे. संगवारी मतदान केन्द्रों में मतदान कराने वाली पूरी टीम महिला अधिकारी-कर्मचारियों की होगी. पूरे संसदीय क्षेत्र में संगवारी केन्द्रों की संख्या 22 रखी गई है, जहां 96 महिला कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है. इसी तरह इस बार एक मतदान केन्द्र ऐसा होगा जहां मतदान दल के सारे सदस्य दिव्यांग होंगे. दिव्यांग मतदाताओं में मतदान के लिए रूचि बढ़ाने दिव्यांग कर्मचारी मतदान केन्द्र के नाम पर इस केन्द्र को बनाने का निर्णय लिया गया है.
बस्तर संसदीय सीट का चुनाव संपन्न कराने के लिए करीब दस हजार अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है. इनमें 7,512 मतदान कर्मी होंगे, जो मतदान केन्द्र में ड्यूटी करेंगे. रिजर्व मतदान दलों में भी एक हजार से अधिक कर्मचारियो की ड्यूटी लगाई गई है. इसके अलावा अन्य कार्यों के लिए दो हजार अफसर-कर्मियों की तैनाती की गई है.
बस्तर संसदीय सीट के चुनाव के लिए 18 मार्च यानी सोमवार को अधिसूचना के प्रकाशन के साथ नामांकन शुरू हो जाएगा. 25 मार्च तक नाम दाखिल किए जा सकेंगे. नामांकन पत्रों की जांच 26 मार्च और नाम वापसी के लिए 28 मार्च की तारीख तय की गई है. 11 अप्रैल को मतदान होगा और मतगणना 23 मई होगी.
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