भारत बंद कर सकता है उपयोग, HCQ के क्लीनिकल ट्राइल पर WHO की रोक
नई दिल्ली
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा शनिवार को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के क्लीनिकल ट्राइल को बंद किए जाने की घोषणा के बाद भारत में मलेरिया-रोधी दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) के उपयोग पर रोक लगाई जा सकती है। डब्लूएचओ के अनुसार हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन मृत्यु दर को कम करने में कारगर नहीं है।
भारत एचसीक्यू को कोविद -19 रोगियों के उपचार के लिए न केवल एक प्रमुख दवा के रूप में उपयोग करता है, बल्कि इसे कोविड -19 रोगियों का इलाज कर रहे फ्रंटलाइन श्रमिकों, डॉक्टरों व करीबी संपर्कों को दिया जाता है।
महामारी से निपटने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा गठित राष्ट्रीय कार्य बल के एक सदस्य ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि “कोविड-19 एक नई बीमारी है और यह एक अत्यंत गतिशील स्थिति है जिससे हम निपट रहे हैं, और नए डेटा लगातार उत्पन्न हो रहे हैं। कुछ महीने पहले वायरस के व्यवहार के बारे में हमें पता था लेकिन अब इसमें बदलाव आया है, और यही बात दवाओं और अन्य उपचार के तौर-तरीकों पर भी लागू होती है, जो मरीजों को दी जा रही हैं।
दुनिया भर से आ रहे नतीजों की यहां के विशेषज्ञों द्वारा लगातार जांच की जा रही है और दिशा-निर्देशों और प्रोटोकॉल के अनुसार संशोधन किया जा रहा है। एचसीक्यू या कोविड -19 रोगियों को दी गई किसी भी अन्य दवा के लिए भी यही सच है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ दिशानिर्देशों और प्रोटोकॉल की समीक्षा करेंगे और यदि उन्हें संशोधन की आवश्यकता महसूस होती है, तो वे उन्हें बदल देंगे।
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