भोपाल में आवारा कुत्तों का आतंक, 6 साल के बच्चे को मार डाला

भोपाल में आवारा कुत्तों का आतंक, 6 साल के बच्चे को मार डाला

भोपाल
 अवधपुरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम घर के पास खेल रहे छह साल के मासूम संजू को आवारा कुत्तों ने नोंच डाला। घटना घर से महज 50 मीटर की दूरी पर हुई, जिसमें उसकी मौत हो गई।

थाना प्रभारी एमएल भाटी के अनुसार संजू के पिता हरिनारायण जाटव (32) शिव संगम कॉलोनी में रहते हैं। वे टेंट उस कारोबारी के यहां नौकरी करते हैं। उनकी दो बेटियां भी हैं। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे संजू घर के पास खेल रहा था।

एक घंटे तक जब वह घर नहीं लौटा तो मां ने खोजबीन शुरू की। इस दौरान वह घर के पास ही एक मैदान में मिला, जहां कुत्ते उसे नोंच रहे थे। मां किसी तरह कुत्तों के चंगुल से छुड़ाकर उसे घर लाई। परिजन तत्काल अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जिगर के टुकड़े को कुत्तों से बचाने चीखती रह गई मां, आंखों के सामने ही नोच डाला...

ताजा ऑपरेशन से उबर रही मां सवित्री कुत्तों के झुंड से जिगर के टुकड़े संजू को नहीं बचा सकी। उसकी सारी कोशिशें खूंखार कुत्तों के आगे बेबस साबित हुईं।

कुत्तों ने उसके सामने ही बच्चे को नोंच-नोंच कर मार डाला। उनकी भयावहता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि वे बचाने पहुंची सावित्री पर भी झपट पड़े। सवित्री यही कहकर बिलखती रही कि मेरा लाल कुत्तों के डर से कभी भी मुझे बिना बताए घर से बाहर नहीं निकलता था।

बेटे की मौत की खबर लगते ही सवित्री की तबीयत बिगड़ गई। वह बार-बार बेसुध होती रही। संजू के पिता हरिनारायण जाटव रायसेन के रहने वाले हैं। वह अवधपुरी में अपनी पत्नी सवित्री, बेटा संजू (6), मिष्ठी (3), गुड्डी (एक माह ) के साथ रहते हैं।

रहवासियों ने बताया कि कुत्तों को लेकर नगर निगम से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को हरिनारायण का परिवार रायसेन वोटिंग करने जाने वाला था।

मां से आखिरी बात: लौटकर लड्डू खाऊंगा
मासूम संजू घर से निकलते समय मां से कहकर गया था कि खेल
कर जब लौटूंगा तब नहाऊंगा। उसने मां से लड्डू खाने की बात कही थी। बेटे के आखिरी शब्द याद कर मां बिलख पड़ती है।


पांच अप्रैल को छह साल का हुआ था संजू
संजू इकलौता बेटा था। वह पहली क्लास में पढ़ता था, पांच अप्रेल
को ही छह साल का हुआ था।


पिता ने बताया कि एक अप्रेल को दूसरी छोटी बहन पैदा हुई थी। जिसके बाद मां का एक आपरेशन हुआ था। मां को बताए बिना वह
घर से कदम भी बाहर नहीं निकलता था।


कचरा डालने गया, फिर खेलने लगा...
बच्चे की मां सवित्री जाटव के अनुसार शाम करीब साढ़े पांच बजे संजू अपनी छोटी बहन मिष्ठी के साथ घर से करीब 50 मीटर दूर नाले में कचरा डालने गया था। मिष्ठी लौट आई, जबकि बेटा नाले के पास खाली मैदान में खेलने लगा।

करीब एक घंटे तक जब वह नहीं दिखा तो मैंने बेटी से उसके बारे में पूछा।
उसने बताया कि भइया खेल रहा है। जब उसको मैं ढूढऩे गई तो घर से 50 मीटर दूर पांच-छह कुत्तों का झुंड उसे नोचते मिला।

बेटा जमीन पर पड़ा था, कुत्ते उसे नोच रहे थे। मैंने उसे बचाने की कोशिश की तो कुत्तों का झुंड मेरी तरफ भी लपका। मेरी चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंचते तब तक कुत्तों का झुंड बेटे को लहूलुहान कर चुका था। पति को फोन कर बुलाया। तब तक बेटे की सांस थम चुकी थी।

अमानवियता का 'पंचनामा'
घटना के बाद पुलिस का भी अमानवीय चेहरा सामने आया। पुलिस बच्चे की मां-पिता को घर से बाहर कर एक कमरे में बैठकर पंचनामा बनाती रही। बीमार मां सवित्री जमीन पर बिलखती रही। पुलिस घटना की जानकारी के करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची।