महाकाल मंदिर में शुद्ध पंचामृत से अभिषेक अभिषेक नई व्यवस्था

महाकाल मंदिर में शुद्ध पंचामृत से अभिषेक अभिषेक नई व्यवस्था

उज्जैन
 बाबा महाकाल का अभिषेक करने के लिए अब पंचामृत की व्यवस्था मंदिर समिति कर रही है। अभी तक महाकालेश्वर मंदिर में बाबा का अभिषेक करने के लिये भक्तों को मंदिर के बाहर की दुकानों से पंचामृत लेना पड़ता था, इस पंचामृत की शिकायत अक्सर भक्तों के द्वारा की जाती थी और शिवलिंग पर इसके चढ़ने को लेकर भी सवाल खड़े होते रहे हैं। इसलिए अब मंदिर समिति ही भक्तों को शुद्ध पंचामृत उपलब्ध कराएगी। हालांकि यह शुद्घ पंचामृत निशुल्क नहीं होगा। इसके लिये समिति शल्क बसूल करेगी।

शुद्ध पंचामृत
महाकालेश्वर मंदिर प्रशासक सुजानसिंह रावत के अनुसार बाबा के दर्शन की एडवांस बुकिंग के साथ भक्त शुद्ध पंचामृत और पार्किंग की भी बुकिंग करा सकते हैं। यह सुविधा विकल्प के आदार पर होगी। यदि कोई भक्त चाहता है चो इस विकल्प को चुन सकता है। शुद्ध पंचामृत में विशेष पात्र होगा जिसमें निश्चित मात्रा में पंचामृत मिलेगा। पंचामृत को तांम्र पात्र में लिया जाता है, इसमें 500 ग्राम शुद्ध पंचामृत होगा जो शुद्ध दूध, दही, शहद, घी और शकर से बना होगा। पंचामृत की शुद्धता को लेकर मंदिर समिति उज्जैन दुग्ध संघ से दूध,दही, घी और वन विभाग से शहद खरीद कर पंचामृत बनायेगी।

पंचामृत का महत्व
माना जाता है कि बाबा महाकाल का अभिषेक पंचामृत से करने पर बाबा की कृपा प्राप्त होती है। युगों युगों से बाबा महाकाल का अभिषेक पंचमृत से ही किया जाता रहा है। पूरी दुनिया से बाबा के भक्त उज्जैन पहुंचकर महाकाल का पंचामृत अभिषेक करते है और अगर यह पंचामृत शुद्ध हो तो भक्तों को अपने भगवान पर चढ़ाने और अधिक आनंद और भक्ति की अनुभूति होती है। इसीलिये आखिरकार मंदिर समिति को ही शुद्ध पंचामृत उपलब्ध कराने की व्यवस्था करनी पड़ी।