महामारी के एक साल बाद दुनिया को इस संकट से उबरने की उम्मीद
वाशिंगटन
कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ा और लगभग सभी देश इससे प्रभावित हुए। अब दुनिया इस महामारी से बाहर निकलने की ओर बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 11 मार्च 2020 को कोरोना वायरस को महामारी घोषित किया था। इसके बाद लाखों लोगों की मौत हुई, अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इसके एक साल बाद स्थिति सामान्य होने का सपना अब देखा जा रहा है और इसका श्रेय टीकों को भी जाता है।
जॉन हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार पिछले साल 11 मार्च को कोविड-19 के मामलों की संख्या एक लाख 25 हजार थी और मौत के मामलों की संख्या पांच हजार से कुछ कम थी। इसके अलावा आज तक इससे संक्रमित होने वाले कुल लोगों की संख्या 11.7 करोड़ हैं और 26 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल 11 मार्च को जब इसे महामारी घोषित किया गया तो इटली ने 10,000 मामलों की सूचना आने के बाद दुकानों और रेस्टोरेंट को बंद कर दिया था।
उस शाम, अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्र को संबोधित किया और यूरोप से यात्रा पर प्रतिबंध की घोषणा की। सोवतो के क्रिस हानी बैरागवानाथ अस्पताल में 59 वर्षीय एक नर्स मैगी सेडीदी ने इस महामारी से निपटने के लिए टीकाकरण को श्रेय दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक या दो साल के भीतर जनजीवन फिर सामान्य हो सकता है। बता दें कि दक्षिण अफ्रीका में कोरोना के 15 लाख से अधिक मामले सामने आए और 50 हजार से अधिक लोगों की मौत हुई।
बता दें कि महामारी के कारण दुनिया के कई स्थानों पर लोगों को कठिन समय का सामना करना पड़ा। नेपाल में माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने पहुंचे विदेशी पर्वतारोहियों को अपने अभियानों को रोकना पड़ा। दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक मोजाम्बिक में, सरकार ने काम गंवाने वालों को तीन महीने के लिए राहत राशि देने का वादा किया है। हालांकि, 46 वर्षीय ऐलिस नहारे कहती हैं, 'लेकिन ये पैसा कभी नहीं मिला । मेरी मां ने हस्ताक्षर किए थे लेकिन पैसा कभी नहीं आया।'
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