रतन राजपूत घर आते ही पापा के कमरे में हुईं क्वॉरंटीन
रतन राजपूत लॉकडाउन में बिहार के जिस गांव में फंसी थीं, वहां से निकलकर अपने गांव तो आ गईं, लेकिन यहां आने के बाद उन्हें उस कमरे में क्वॉरंटीन किया गया, जिससे उनके पापा की ढेर सारी यादें जुड़ी हैं। रतन राजपूत के पिता श्रीरामरतन सिंह राज्य सरकार में ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे थे। लेकिन लंबे समय से बीमार होने के कारण साल 2018 में उनका निधन हो गया।
पिता की मौत के बाद रतन राजपूत डिप्रेशन में चली गई थीं, जिसके बारे में उन्होंने अब इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए वीडियो में बताया है। वीडियो में रतन राजपूत बताती हैं कि वह जिस कमरे में हैं, वह उनके पापा का कमरा है और इससे ढेर सारी यादें जुड़ी हुई हैं। फिर वह यादों का बॉक्स खोलती हैं और धूल में दबीं यादों की एक-एक परत से समय की धूल को हटाते हुए दिलचस्प किस्से बताती हैं।
बातों ही बातों में रतन बताती हैं कि कैसे वह पापा की मौत के बाद डिप्रेशन में चली गई थीं और लंबे समय तक घुटन में रहीं। वीडियो में वह कह रही हैं, 'पापा सरकारी नौकरी में थे। हर जगह से ट्रांसफर होना। नई जगह जाना, नए दोस्त और खेल का नया अड्डा बनाना। मैंने बहुत बदलाव और अडजस्टमेंट देखे हैं और शायद वही अब लॉकडाउन में मेरे काम आ रहे हैं। पापा का रूम वही है। पापा का बिस्तर भी वही है। लेकिन पापा नहीं हैं।'
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