राजधानी में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने काम करेंगे 150 एनजीओ, दो हजार मतदान केंद्रों में हुई थी मात्र 47 फीसदी वोटिंग
भोपाल
विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही शासन-प्रशासन ने मतदाताओं की सुविधा के लिए तेजी से काम शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन भी इस बार एनजीओ की माध्यमों से जिले की वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बना रहा है। जिले में सातों विधानसभाओं में रिकॉर्ड मतदान कराने के बुजुर्ग और दिव्यांगों को घर से घर तक लाने और ले जाने के लिए 150 एनजीओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस संबंध में सभी को पत्र भी भेजे गए हैं। कलेक्टर सुदाम खाडे के निर्देश पर हर सप्ताह इस मामले में प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा भी की जा रही है।
पिछले विधानसभा चुनाव में जिले के 1977 मतदान केंद्रों पर मात्र 47 फीसदी वोटिंग हुई थी। इस बार इस प्रतिशत को बढ़ाने के लिए स्वीप कार्यक्रम के तहत जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। इसमें महिलाओं और पुरुषों को ज्यादा से ज्यादा मतदान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्वीप कार्यक्रम से जुड़े अफसरों के अनुसार स्वीप कार्यक्रम के तहत आम लोगों में मतदान के लिए जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।
बीते विधानसभा चुनाव 2013 में जिले की सात विधानसभाओं में वोटिंग का प्रतिशत कम रहा था, बैरसिया-58, भोपाल उत्तर-57, नरेला-56, दक्षिण-पश्चिम-56, भोपाल मध्य-53, गोविंदपुरा-59 और हुजूर में 56 फीसदी वोटिंग हुई थी। इस बार जिला निर्वाचन कार्यालय सौ फीसदी वोटिंग कराने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए जागरुकता के तहत स्कूल-कॉलेज स्वयं सेवी संस्थाओं, क्लबों सहित अन्य सार्वजनिक जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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