राजस्थान: नेता विपक्ष कौन? अभी सस्पेंस बरकरार

राजस्थान: नेता विपक्ष कौन? अभी सस्पेंस बरकरार

जयपुर 
राजस्थान में सत्ता से विपक्ष में आई भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक दल का नेता चुनने को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल के गठन का काम पूरा होने के बाद पार्टी सप्ताह भर में यह औपचारिकता पूरी कर सकती है। प्रदेश बीजेपी में सबसे ज्यादा दिलचस्पी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भूमिका को लेकर है। वसुंधरा बुधवार को दिल्ली में थीं।  

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी ने विधायक दल नेता के चुनाव के बारे पूछे जाने पर कहा, ‘जल्द ही फैसला करेंगे। वसुंधराजी से बात करेंगे।’ पार्टी के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा कि एक-दो दिन में तो कुछ तय नहीं है लेकिन जल्द ही बैठक बुलाए जाने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा, 'अभी तो कांग्रेस सरकार के मंत्रियों का मामला ही जयपुर दिल्ली के बीच फंसा था। सत्ता पक्ष को जल्दबाजी होती है, अब हम भी तय कर लेंगे और विधायकों की बैठक होगी।' 

नेता प्रतिपक्ष पर कई नामों पर हो रही है चर्चा 
बता दें कि राज्य में नई विधानसभा के लिए हुए चुनावों के परिणाम 11 दिसंबर को आए थे। प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा? इस पर बीजेपी के नेता कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। एक पदाधिकारी ने कहा,‘यह फैसला तो विधायक करेंगे। उनकी बैठक में ही तय होगा।’ प्रदेश बीजेपी के नेताओं का मानना था कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व राज्य में वसुंधरा का विकल्प या उत्तराधिकारी बीते पांच साल में तैयार नहीं कर पाया है। एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न दिए जाने की शर्त पर कहा, ‘कभी (गजेंद्र सिंह) शेखावत का नाम उछाला गया तो कभी (अर्जुनराम) मेघवाल को आगे किया गया। फिर राज्यवर्धन राठौड़ को संभावित विकल्प के तौर पर पेश करने की कोशिश हुई लेकिन पार्टी पर राजे की पकड़ कमजोर नहीं पड़ी है।’