राम माधव का 3डी फॉर्म्युला, कहा- एनआरसी के बाद डिटेक्ट, डिलीट, डिपोर्ट करेंगे
नई दिल्ली
बीजेपी महासचिव राम माधव ने सोमवार को कहा कि असम में नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) की अंतिम सूची में शामिल नहीं किए जाने वाले लोगों का मताधिकार छीन लिया जाएगा और उन्हें वापस उनके देश भेज दिया जाएगा। इस बीच, बीजेपी नेता और असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि एनआरसी को पूरे भारत में लागू किया जाए। राम माधव और सर्वानंद सोनोवाल सोमवार को दिल्ली में ‘एनआरसी: डिफेंडिंग दि बॉर्डर्स, सेक्यूरिंग दि कल्चर’ विषय पर आयोजित एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
सेमिनार में राम माधव ने कहा कि 1985 में हुए ‘असम समझौते’ के तहत एनआरसी को अपडेट किया जा रहा है, जिसके तहत सरकार ने राज्य के सभी अवैध प्रवासियों का पता लगाने और उन्हें देश से बाहर निकालने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी। उन्होंने कहा, ‘एनआरसी से सभी अवैध प्रवासियों की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी। अगल कदम ‘मिटाने’ का होगा, यानी अवैध प्रवासियों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे और उन्हें सभी सरकारी लाभों से वंचित कर दिया जाएगा। इसके अगले चरण में अवैध प्रवासियों को देश से बाहर कर दिया जाएगा।’
अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकाले जाने पर भारत को अंतरराष्ट्रीय आलोचना का सामना करने की स्थिति की बात कहने वालों पर निशाना साधते हुए माधव ने कहा कि बांग्लादेश भी म्यामां के साथ सक्रिय बातचीत कर रहा है ताकि लाखों रोहिंग्या लोगों को वहां से बाहर निकाला जा सके। म्यामां में अत्याचार का शिकार होने के बाद लाखों रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ले रखी है। माधव ने कहा कि दुनिया में कोई भी देश अवैध प्रवासियों को बर्दाश्त नहीं करता, लेकिन भारत राजनीतिक कारणों से अवैध प्रवासियों के लिए ‘धर्मशाला’ बन गया है।
वहीं अपने संबोधन में सोनोवाल ने कहा, ‘एनआरसी सभी राज्यों में लागू की जानी चाहिए। यह ऐसा दस्तावेज है जो सभी भारतीयों का संरक्षण कर सकता है। असम में एनआरसी में शामिल नहीं किए जाने वाले लोग अन्य राज्यों में जा सकते हैं। इसलिए हमें ठोस कदम उठाना होगा।’ उन्होंने कहा कि भारत के वाजिब नागरिकों को अपनी नागरिकता साबित करने और एनआरसी की अंतिम सूची में अपना नाम शामिल कराने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाएगा। बता दें कि असम में रह रहे भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एनआरसी को अपडेट किया जा रहा है।
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