brijesh parmarइंदौर, इंदौर नगर निगम के 21 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है. निगम आयुक्त आशीष सिंह ने सबको बर्ख़ास्त कर दिया. आरोप है कि बुधवार को निगम के अफसर के साथ मारपीट में इन लोगों ने बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय का साथ दिया था.
बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय की गुंडागर्दी के विरोध में इंदौर नगर निगम में आज कर्मचारियों ने काम ठप्प कर दिया है. कर्मचारी सड़क पर उतर आए हैं. निगम के सभी विभागों के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ विरोध जताया.
निगम के भी कुछ कर्मचारियों ने साथ दिया हंगामे में आकाश का साथ देने के कारण नगर निगम आयुक्त आशीष सिंह ने ऐसे 8 कर्मचारियों को बर्ख़ास्त कर दिया है.
आकाश विजयवर्गीय इंदौर 3 से बीजेपी विधायक हैं. बुधवार को गंजी कंपाउंड इलाके में नगर निगम की टीम एक जर्जर मकान ढहाने गयी थी. लोग इसका विरोध कर रहे थे. उसी दौरान आकाश भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे. उन्होंने खुलेआम अधिकारियों को चेतावनी दी.बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय के समर्थक भी गुंडागर्दी कर रहे थे. उन्होंने नगर निगम की जेसीबी मशीन की चाभी निकाल ली. आकाश विजयवर्गीय और निगम अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस हुई. वो जेसीबी मशीन पर चढ़ गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे. उसके बाद बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय ने बैट उठाया और नगर-निगम के अफसर को पीटना शुरू कर दिया. वो लगातार उसे बैट मारते रहे. आकाश लगातार पुलिस और नगर निगम के अफसरों से भिड़ते रहे. पूरे इलाके में देर तक बवाल कटा रहा.