हरियाणा  में बनेगी दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी

हरियाणा  में बनेगी दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी

दिल्ली, देश की राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम और हरियाणा के नूह ज़िले में हरियाणा सरकार जल्द ही दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी को विकसित करने की तैयारी में है। इसको लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली में बड़ी बैठक की है। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को 7 दिनों में सभी औपचारिकताएँ पूरी करने के दिए निर्देश भी दिये है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राज्य में दुनिया का सबसे बड़ा जंगल सफारी पार्क विकसित करने का मन बना लिया है। इसके बनने के बाद एक ओर जहां अरावली पर्वत श्रृंखला को संरक्षित करने में मदद मिलेगी वहीं दूसरी ओर गुरुग्राम व नूंह क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

तीन स्टेप में डेवलप होगा पार्क
अरावली सफारी पार्क के संबंध में समीक्षा बैठक करने के उपरांत मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि गुरुग्राम और नूह जिलों में अरावली क्षेत्र में 10,000 एकड़ भूमि को जंगल सफारी पार्क के लिए चिह्नित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार जंगल सफारी पार्क को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा और पहले चरण को पूरा करने के लिए लगभग 2 साल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हरियाणा सरकार ने साफ़ किया है कि इस जंगल सफारी में सभी प्रकार के जानवर तथा पक्षियों की प्रजातियां लाने का प्रयास है। वन्यजीवों की स्वदेशी प्रजातियों के अलावा जलवायु में रह सकने वाले विदेशों से लाए जा सकने वाले जानवरों पर भी अध्ययन किया जा रहा है। सुल्तानपुर झील की तरह माइग्रेटिड बर्ड के लिए झील की व्यवस्था हो, इस पर भी चर्चा की गई है।

लुप्त प्रजातियों को बचाने की कोशिश
सरकार का मानना है कि इस प्रकार के जंगल सफारी पार्क विलुप्त होती प्रजातियों को संरक्षित कर बचाने का भी केंद्र होते हैं। अरावली की इन खूबसूरत पहाड़ियों में शेर और बाघ की दहाड़ सुनाई देगी। इसके साथ ही यहाँ तेंदुए भी दिखाई देंगे।

इस जंगल सफारी का आकर्षण केंद्र वन्य जीव होंगे। इनके संरक्षण और शिकारियों से इन्हें बचाने के लिए भी ख़ास इंतज़ाम किए जाएंगे। बताते चले कि अरावली की इन पहाड़ियों में एक ज़माने में शेर और बाघ दिखाई दिया करते थे पर आवेश खनन और सिमट रही हरियाली के चलते ये प्रजाति यहाँ से विलुप्त हो गई।
ग़ौरतलब है कि जंगल सफारी के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ साथ पड़ोसी राज्यों के लोगों को पर्यटन मिलेगा। आज भी अरावली की पहाड़ी कई प्रजायतियों का घर है। यहां क़रीब 180 पक्षियों की प्रजाति, तितलियों की 57 प्रजाति, स्तनधारियों की 15 और सरीसृपों की 29 प्रजाति मौजूद है।

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