आखिर दो सौ की यूनिफार्म में छात्र कैसे बनेंगे जेन्टलमैन

rajesh dwivedi सतना, शिक्षा विभाग के नीतिकार महज दो सौ रुपये में छात्रों को यूनिफार्म और टाई लगाकर प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों के समांतर लाना चाहते हैं, लेकिन क्या इतने रुपये में कोई छात्र एक जोड़ी कपडेÞ खरीद सकता है। लेकिन विभाग के नजर में यह संभव है। एक ओर जहां राज्य शिक्षा केंद्र ने अपने ही फैसले को बदलते हुए डेÑस के लिए पैसे देने का फैसला किया है, वही बच्चों को टाई लगाने के लिए भी निर्देशित किया है। गौरलतब है कि इसी शैक्षणिक सत्र में बच्चों को ड्रेस के लिए नकद पैसे न देकर सिली-सिलाई डेÑस देने का फैसला किया था, लेकिन शैक्षणिक सत्र के शुरू होने के इतने दिनों बाद भी बच्चों को ड्रेस न मिलने के कारण निर्णय में संशोधन करते हुए बच्चों के यूनिफार्म के लिए राज्य शिक्षा केंद्र ने सीधे स्कूलों में शाला प्रबंधन समिति के खाते में भेजने का निर्णय लिया है। After all, how will the student become a Gentleman in two hundredतैयार नहीं हो पाई यूनिफार्म सतना समेत प्रदेश के समस्त जिलों में इस शैक्षणिक सत्र से समूहों के माध्यम से ड्रेस तैयार करने का निर्णय लिया था। इसके पीछे विभाग का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त करना था। लेकिन विभाग की मॉनिटरिंग न होने के कारण समय पर डेÑस तैयार नहीं हो सकी। नतीजतन अपने ही निर्णय को विभाग को आखिरकार बदलना पड़ा। दो जोड़ी ड्रेस के लिए मिलेंगे पैसे कक्षा1 से 8वीं तक के विद्यार्थियों को दो जोड़ी यूनिफार्म के लिए कुल चार सौ रुपये दिए जाएंगे। जिसमें छात्रों को दो जोड़ी शर्ट-पैंट और छात्राओं के लिए सलवार शूट के लिए पैसे मिलेंगे। वर्जन प्रदेश के कुछ जिलों में अब बच्चों को डेÑस के लिए पैसे दिए जा रहें है। जिसमें सतना भी शामिल है। इसके पीछे का कारण समूहों द्वारा समय पर ड्रेस का तैयार न होना है। एनके सिंह, प्रभारी डीपीसी सतना