भोपाल। भाजपा के लिए देश में रोल माडल माने जाने वाले मप्र काडर का दबदबा अब आने वाले महीनों में साउथ के दो राज्यों तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और पश्चिम बंगाल में देखने को मिलेगा। इस बीच मप्र भाजपा को और विकसित और कमियों से मुक्त कराने का काम भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा किया जाएगा।
छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र में वापसी में भी भाजपा एमपी का सहयोग लेगी
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में सत्ता वापसी में भी भाजपा एमपी का सहयोग लेगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश को एमपी समेत इन राज्यों में विशेष ध्यान रखने और निगरानी के लिए जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद इस पर काम होना तय है। सबसे खास बात यह है कि बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने शिवप्रकाश का केंद्र भोपाल को बनाया है।
केंद्र की नजर में मप्र श्रेष्ठ
इसलिए यह भी साफ हो गया है कि केंद्र की नजर में मप्र श्रेष्ठ है और यहां की भाजपा का काडर बेस दूसरे राज्यों में लागू किया जाएगा। साथ ही मप्र भाजपा में जो कमियां हैं, उन्हें दूर करने का काम भी केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर होगा। पिछले दिनों दो दिन के प्रवास पर आए पार्टी के नए प्रदेश प्रभारी पी. मुरलीधर राव ने भी यह बात कही थी कि मप्र भाजपा में कुछ कमियां हैं, जिन्हें दूर करने के लिए वे सह प्रभारी पंकजा मुंडे और विशेश्वर टुडू के साथ जिलों में प्रवास कर संवाद करेंगे।
बंगाल में एमपी काडर पर काम
भाजपा नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल में मप्र काडर पहले ही लागू कर दिया है। यहां से राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन को पश्चिम बंगाल में तैनात करने के बाद लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जोरदार एंट्री मारी थी और अब विधानसभा चुनाव में भी भाजपा की जीत का रास्ता तय है। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश के पास पहले से ही पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी है और वे वहां बूथ स्तर पर अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं।
बढ़ेंगे सह संगठन मंत्री
भाजपा में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री के पद से सौदान सिंह को मुक्त किए जाने के बाद अब यह संभावना भी जताई जा रही है कि केंद्र में सह संगठन मंत्री के पद बढ़ेंगे, क्योंकि अब सिर्फ एक ही सह संगठन मंत्री रह गए हैं। आने वाले दिनों में कुछ और नेताओं की जिम्मेदारी में बदलाव देखने को मिल सकता है।