पति ने देह व्यापार में धकेला तो बच्चों का पेट पालने को चुना ब्लैकमेलिंग का धंधा

रायपुर ओडिशा के कारोबारी और समाजसेवी मोहनलाल जैन (50) को ब्लैकमेल कर रायपुर में दस लाख रुपये वसूलने के मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए बंटी-बबली को गोलबाजार पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया। आपत्तिजनक फोटो के जरिए सहयोगी साथी जयकिशन बाघ के साथ कारोबारी जैन को धमकाने वाली बेबी शर्मा की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। वह शादीशुदा और दो बच्चों की मां है। पूछताछ में उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए है। बेबी ने बताया कि दस साल पहले उसकी शादी राजस्थान निवासी एक शख्स से हुई थी। कुछ ही साल वह पति के साथ हंसी-खुशी दाम्पत्य जीवन गुजार सकी। पैसे के लालच में उसके पति ने उसे देह व्यापार के गर्त में धकेल दिया। वह मारपीट कर दलालों के पास भेजता था और दलाल जबरिया ग्राहकों के सामने परोस देते थे। दो बच्चों की परवरिश की चिंता खाए जाए जा रही थी। आखिरकार किसी तरह वह पैसों के लालची पति के चंगुल से बच्चों समेत भागकर अपने घर ओडिशा के बलांगीर जिले के मालपड़ा गली पहुंच गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अतीत की बातों को भुलाकर बेबी शर्मा अपने दम पर कोई कारोबार करना चाहती थी, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते वह कुछ नहीं कर पा रही थी। दो साल पहले उसकी मुलाकात कारोबारी व समाजसेवी मोहनलाल जैन से हुई। उसने अपनी आपबीती बताकर जैन से मदद मांगी। चूंकि बेबी ब्यूटी पार्लर का काम जानती थी, लिहाजा जैन ने उसे बीस हजार रुपये देकर दुकान खोलने को कहा और बाद में कई मौकों पर हजारों रुपये की सहायता की। मोटी रकम वसूलने को ऐसे बनाया प्लान मोहनलाल की आर्थिक मदद की बदौलत बेबी ने ब्यूटी पार्लर तो खोल लिया, लेकिन कारोबार मंदा होने से उसका गुजारा चलना मुश्किल हो गया था। इसी बीच मोहनलाल कारोबार के सिलसिले में बलांगीर पहुंचे तो बेबी ने फोनकर उन्हें घर पर बुला लिया। दरअसल बेबी की योजना थी कि मोहनलाल जैन को ब्लैकमेल कर वह लाखों रुपये की उगाही करेगी और उस रकम से बड़ा कारोबार करेगी। लिहाजा उसने इस काम के लिए फिरोल कालाहांडी निवासी जयकिशन बाघ और बसंत साहू की मदद ली। मोहनलाल जब बेबी से मिलकर जाने लगे तब योजना के अनुसार बेबी जबरिया उससे लिपट गई और मोबाइल से फोटो खींच लिया। इस बीच मोहनलाल किसी तरह वहां निकलकर अपने घर पहुंचा।