C VIGIL ऐप से रखी जाएगी नजर, हर बूथ में लगेगी VVPAT मशीन
रायपुर
छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. दो दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने चुनाव के तैयारियों की समीक्षा की. न्यू सर्किट हाउस के ऑडिटोरियम में शुक्रवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने प्रदेश के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, नोडल अधिकारी और पुलिस अधिकारियों से चुनाव को लेकर चर्चा की. इस बैठक में पार्टियों ने चुनाव को लेकर अपना पक्ष रखा और प्रस्ताव भी दिए. शनिवार को हुई बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने आबकारी, आयकर और पुलिस अधिकारियों से चुनाव को लेकर चर्चा की.
मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले जो तैयारियां हुई हैं, आयोग उससे खुश नहीं है. राज्य में और काम करना बाकी है. इस बार के चुनाव में सिटिजन विजलेंस एेप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा. इस ऐप के जरिए चुनाव के दौरान हिंसक गड़बड़ियों की शिकायत की जा सकेगी. इस ऐप में आम जनता चुनाव से संबंधी शिकायतों दर्ज करा सकेंगे. शिकायतों का 100 मिनट में निराकरण किया जाएगा. मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने राजनितिक दलों के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपुर्ण और पारदर्शिता के साथ चुनाव करने के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित करेगा.
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि आयोग द्वारा पहली बार एक्सेसिबिलिटी पर्यवेक्षक की नियुक्ति छत्तीसगढ़ में की जाएगी. छत्तीसगढ़ के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक पोलिंग बूथ का संचालन महिलाओं द्वारा किया जाएगा. सरकारी तंत्र के दुरुपयोग रोकने की कवायद की जाएगी. ऐसे अधिकारी जिन्होने एक ही जगह में 3 साल पूरा कर लिया है उन्हे नियमानुसार स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए है. मोबाइल वितरण कार्यक्रम में दिए गए नंबरों का डाटा भी आयोग ने मांगा है. ओपी रावत ने कहा कि चुनाव में किए जाने वाले खर्च के मॉनिटरिंग पर बड़ी आपत्ति आई है. राजनीतिक दलों ने आपत्ति लगई गई है कि सरकार खुद शराब बेच रही है इस लिहाज से शराब बिक्री पर रोक लगाई जाए. कानून और व्यवस्था सुधारने कड़ी और चाक चौबन्द सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है.
ओपी रावत ने कहा कि सभी वोटिंग सेंटरों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे. चुनाव की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी. नक्सल इलाकों में जहां हेलीकॉप्टर से ईवीएम ले जाया जाता है. उन इलाकों में सुरक्षा के विशेष निर्देश दिए गए हैं. अब तक होता ये था कि ईवीएम पहले ले जाया जाता था लेकिन निर्वाचन दल पीछे छूट जाते थे. अब उन्हें सुरक्षित स्थानों में जल्द से जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए गए है. शराब और अन्य चीजों पर मॉनिटरिंग करने के लिए अलग से टीम बनाने के निर्देश दिए गए है. मीडिया की मॉनिटरिंग के लिए भी एक कमेटी बनाई जाएगी जो फेक न्यूज पर पूरी नजर रहेगी.
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