CG : बस्तर ने 6 जुलाई से नहीं देखा सूरज, इतनी हो गई बारिश
रायपुर
बस्तर में छह जुलाई और समूचे प्रदेश में हफ्तेभर से हो रही बारिश ने जुलाई की औसत बारिश का रिकॉर्ड पार कर लिया है। जुलाई में 468.8 मिमी बारिश होनी चाहिए और अब तक 502.3 मिमी बारिश हो चुकी है। बीते 10 दिन में इतने सिस्टम बने की अब मौसम वैज्ञानियों ने चिंता जाहिर कर दी है कि अगस्त कहीं सूखा में न गुजर जाए।
छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य ओडिशा, मध्यप्रदेश और झारखंड के कुछ इलाकों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। उधर बस्तर में छह जुलाई के बाद से सूरज नहीं निकला, पूरा क्षेत्र बादलों से ढंका हुआ है। इसकी सबसे बड़ी वजह है वहां के जंगल। मैदानी इलाकों में बारिश न होने या कम होने का कारण पेड़ों की अंधाधुंध कटाई, कंक्रीटीकरण है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अब कोई सिस्टम नहीं है, जिसके चलते भारी-अतिभारी बारिश हो। आने वाले पांच दिनों में मौसम सामान्य रहेगा, हल्की बारिश ही होगी।
रविवार को रायपुर में दिनभर बरसात हुई लेकिन सोमवार को सारा दिन मौसम खुला रहा। मौसम वैज्ञानी एचपी चंद्रा के मुताबिक बादल 250-300 मीटर की ऊंचाई पर हैं, लेकिन हवा की रफ्तार इतनी है कि वे उन्हें उड़ाकर ले जा रहे हैं। यह बादल पड़ोसी राज्यों में बरस रहे हैं।
पूर्वानुमान- दक्षिण-पश्चिम झारखंड एवं उससे लगे ओडीसा और आस-पास बना अवदाब कमजोर हो गया है। अति कम दबाव के क्षेत्र के रूप में उत्तर-पश्चिम झारखंड उसके आस-पास स्थित है।
सोमवार को सर्वाधिक बारिश-
बेमेतरा 101.0 मिमी, सिमगा 84.0 मिमी, कवर्धा 87.0 मिी, जांजगीर 85.5 मिमी, जशपुर नगर 75.0 मिमी, महासमुंद 66.0 मिमी, कोरिया 65.0 मिमी।
स्थिर हो गया है तापमान
लगातार हो रही बारिश और बादलों की वजह से तापमान लुढ़कर 25-27 डिग्री के बीच आ पहुंचा है। जिसके चलते ठंडक का अहसास होने लगा है। दिन में भी हल्की ठंडी हवाएं चल रही हैं।
bhavtarini.com@gmail.com

