पोहरी और पिछोर में कांग्रेस-भाजपा पुराने मोहरों पर लगाएगी दांव?

पोहरी और पिछोर में कांग्रेस-भाजपा पुराने मोहरों पर लगाएगी दांव?
khemraj mourya शिवपुरी। आगामी विधानसभा चुनाव की दृष्टि से नामांकन फार्म भरने की शुरूआत 2 नवम्बर से हो रही है, लेकिन अभी तक न तो कांग्रेस और न ही भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा की है। हालांकि सूत्र बताते हैं कि दोनों ही दलों ने अपने प्रत्याशियों की सूची को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। इक्का-दुक्का निर्वाचन क्षेत्रों में दोनों ही दल एक दूसरे की सूची का इंतजार कर रहे हैं। कांग्रेस और भाजपा के अंदरूनी सूत्रों पर भरोसा करें तो ऐसा प्रतीत होता है कि पोहरी और पिछोर में दोनों ही दल पिछले चुनाव में खड़े प्रत्याशियों पर दांव लगाने जा रहे हैं। जबकि शिवपुरी, कोलारस और करैरा में या तो दोनों दलों के प्रत्याशी अथवा कोई एक प्रत्याशी पिछले चुनाव से भिन्न हो सकता है। पोहरी विधानसभा क्षेत्र में यह निश्चित है कि कांग्रेस और भाजपा धाकड़ अथवा ब्राह्मण जाति के उम्मीद्वार को ही टिकट देगी। इस विधानसभा क्षेत्र में 2008 और 2013 में लगातार भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद भारती चुनाव जीते हैं और खास बात यह है कि दोनों चुनावों में उनका मुकाबला पूर्व विधायक हरिबल्लभ शुक्ला से हुआ जो दोनों चुनावों में दूसरे नंबर पर रहे। यह बात अलग है कि हरिबल्लभ शुक्ला 2008 में बसपा टिकट और 2013 में कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़े थे। इस विधानसभा क्षेत्र से जो संकेत मिल रहे हैं उससे प्रतीत होता है कि भाजपा एक बार फिर प्रहलाद भारती पर भरोसा जताने जा रही है और कांग्रेस की ओर से हरिबल्लभ शुक्ला को टिकट मिलने की संभावना है। ऐसी ही स्थिति पिछोर विधानसभा क्षेत्र में बनने के आसार हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह ने भाजपा प्रत्याशी प्रीतम लोधी को लगभग सात हजार मतों से पराजित किया था। इससे पहले केपी सिंह 1993, 1998, 2003 और 2008 के विधानसभा चुनाव भी लगभग 18 से 20 हजार मतों के औसत अंतर से जीत चुके हैं। इस मायने में पिछले विधानसभा चुनाव में उनकी जीत का आंकड़ा काफी संकीर्ण रहा। भाजपा प्रत्याशी प्रीतम लोधी ने हार के बावजूद भी कांग्रेस प्रत्याशी केपी सिंह को लोहे के चने चबाने पर मजबूर किया। इस विधानसभा क्षेत्र में लोधी मतदाताओं की संख्या 50 हजार के लगभग है। कांग्रेस ने केपी सिंह की उम्मीद्वारी घोषित कर दी है। भाजपा ने अभी किसी की उम्मीद्वारी तय नहीं की है, लेकिन साफ संकेत मिल रहे हैं कि पिछोर से प्रीतम लोधी ही भाजपा उम्मीद्वार होंगे। इस तरह से स्पष्ट है कि पोहरी और पिछोर में पुराने प्रतिद्वंदियों के एक दूसरे के आमने सामने आने के आसार हैं। कोलारस विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में 25 हजार मतों से जीते कांग्रेस प्रत्याशी रामसिंह यादव दिवंगत हो चुके हैं। वर्तमान में उनके पुत्र महेन्द्र यादव कांग्रेस विधायक हैं जो छह माह पहले हुए उपचुनाव में विजयी हुए थे। पिता और पुत्र ने दोनों चुनावों में भाजपा के पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन को हराया था। इस विधानसभा क्षेत्र में जो संकेत निकलकर आए हैं उससे प्रतीत होता है कि भाजपा इस बार देवेन्द्र जैन को टिकट देने नहीं जा रही है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी ने कांग्रेस से भाजपा में आए वीरेन्द्र रघुवंशी को हरी झण्डी दे दी है जबकि कांग्रेस की ओर से महेन्द्र यादव का टिकट तय है। इस विधानसभा क्षेत्र में महेन्द्र यादव और वीरेन्द्र रघुवंशी के बीच मुकाबला होने की प्रबल संभावना है। करैरा विधानसभा क्षेत्र में पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी शकुन्तला खटीक ने भाजपा प्रत्याशी ओमप्रकाश खटीक को 12 हजार मतों से पराजित किया, लेकिन इस बार विधायिका खटीक का टिकट कटने के आसार बन रहे हैं। कांग्रेस ने जिन विधायकों को 2018 का चुनाव लडऩे के लिए हरी झण्डी दिखाई है उनमें शकुन्तला खटीक का नाम शामिल नहीं है जबकि भाजपा की ओर से ओमप्रकाश खटीक को टिकट मिलने के आसार भी बहुत धूमिल हैं। सूत्र बताते हैं कि भाजपा पूर्व विधायक रमेश खटीक को टिकट देने जा रही है जो 2008 में करैरा विधानसभा क्षेत्र से 12 हजार मतों से चुनाव जीते थे, लेकिन 2013 में उनका टिकट काट दिया गया। जहां तक कांग्रेस टिकट का सवाल है तो शकुन्तला खटीक, जसवंत जाटव और योगेश करारे के बीच फैसला होने के आसार बन रहे हैं। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की ओर से यशोधरा राजे की उम्मीद्वारी काफी पहले से तय है। उनके दल में उनके अलावा किसी अन्य ने टिकट की मांग भी नहीं की है। यशोधरा राजे का धुुंआधार जनसंपर्क भी शुरू हो गया है जबकि कांग्रेस किसे टिकट देगी यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। जहां तक टिकट की दौड़ का सवाल है तो मुकाबले में पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धार्थ लढ़ा, पूर्व विधायक गणेश गौतम और प्रो. एपीएस चौहान का नाम बना हुआ है।