प्रदर्शन के आधार पर लिखा जाए उपयंत्रियों की गोपनीय प्रतिवेदन - श्री जटिया

प्रदर्शन के आधार पर लिखा जाए उपयंत्रियों की गोपनीय प्रतिवेदन - श्री जटिया

प्रदर्शन के आधार पर लिखा जाए उपयंत्रियों की गोपनीय प्रतिवेदन - श्री जटिया

निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर के निर्देश

cr-of-sub-engineers-should-be-written-on-the-basis-of-their-performance-mr-jatiya Syed Sikandar Ali मण्डला - विभिन्न योजनाओं के तहत हो रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर जगदीश चन्द्र जटिया ने निर्देशित किया है कि प्रदर्शन के आधार पर उपयंत्रियों की गोपनीय प्रतिवेदन (सीआर) लिखा जाए। उन्होंने कहा कि जो भी निर्माण कार्य अधूरे हैं उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए। तकनीकि अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करें और अप्रारंभ एवं अपूर्णं कार्यों के लिए विशेष योजना तैयार कर कार्य पूर्णं कराऐं। कलेक्टर जगदीश चन्द्र जटिया ने निर्देशित किया कि मनरेगा सहित प्रत्येक योजना में ए प्लस अथवा ए श्रेणी प्राप्त करने की कोशिश करें। एक भी कार्य शेष रहने से जहां जिले की प्रगति प्रभावित होती है वहीं हितग्राहियों को लाभ से वंचित होना पड़ता है जो उचित नहीं है। अतः कार्यपालन यंत्रियों एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का दायित्व है कि वे निर्माण कार्यों की स्थलवार समीक्षा करते हुए कार्यों को पूर्ण कराने का प्रयास करें। कार्य का पूर्णता प्रमाण पत्र जारी होने पर ही कार्य को पूर्ण माना जाएगा। वर्तमान सत्र के कार्यों को समयसीमा में पूर्ण कराते हुए आगामी वर्ष के कार्यो के लिए अभी से अपनी योजना तैयार कर लें। पुराने सभी कार्यों को 31 मार्च तक अनिवार्यतः पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक योजनाओं में वित्तीय लक्ष्य हासिल किया जाए। निर्माण कार्यों की राशि में समयसीमा पर नियमानुसार जारी करें। प्रधानमंत्री आवास, शांति धाम, खेल मैदान तथा तालाब गहरीकरण जैसे कार्यों को जल्द पूर्ण कराऐं। श्री जटिया ने निर्देशित किया कि शौचालय के निर्माण कार्यों को गति देते हुए ओडीएफ की दिशा में कार्य करें। उन्होंने 25 जनवरी तक लेवर बजट के विरूद्ध 90 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने का लक्ष्य दिया है। कमजोर प्रगति वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस - कलेक्टर जगदीश चन्द्र जटिया ने निर्देशित किया कि कमजोर प्रगति वाले उपयंत्री, सहायक यंत्री एवं कार्यपालन यंत्रियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। कार्य की प्रगति एवं समाधान कारक जवाब प्रस्तुत न करने की स्थिति में संबंधितों के विरूद्ध निलंबन तथा वेतनवृद्धि रोकने जैसी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने मैदानी अधिकारी, कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अपने भ्रमण के दौरान गांव की राशन दुकान, पेंशन, मजदूरी भुगतान, आंगनवाड़ी, स्कूल तथा पेयजल की व्यवस्थाओं एवं अन्य विकास कार्यों की जानकारी लेते हुए अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। जिला योजना भवन में सम्पन्न हुई इस बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुजान सिंह रावत एवं उपसंचालक सामाजिक न्याय श्री कोचर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।