97वे जन्म दिवस पर हैदर रज़ा को किया गया याद
नर्मदा तट पर रज़ा उत्सव की हुई शुरुआत
Syed Javed Ali
मंडला - शुक्रवार को विश्वप्रसिद्ध चित्रकार सैयद हैदर रज़ा के जन्मदिवस के अवसर पर नर्मदा तट पर रजा उत्सव का शुभारंभ हुआ। रज़ा उत्सव की शुरुआत के पहले बिंझिया स्थित कब्रिस्तान में हैदर रज़ा की कब्र पर कलेक्टर जगदीश चन्द्र जटिया, रज़ा फाउण्डेशन के सदस्यों के साथ - साथ चाहने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर हैदर रज़ा व उनके पिता की कब्र पर फूलों की चादर पेश की गई। कलेक्टर ने हैदर रज़ा को महान कलाकार व महान इंसान बताया। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में ख्याति अर्जित करने के बावजूद अपनी इच्छा के मुताबिक वे मंडला कब्रिस्तान में आराम फरमा रहे है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। उनकी स्मृति में काम हो व यहाँ की प्रतिभाओ को मंच मिले इस दिशा में प्रयास किया जायेगा।

दोपहर रपटा घाट में रज़ा उत्सव की शुरुआत चित्रकला कार्यशाला एवं माटी के रंग के कार्यक्रम के साथ हुई। इसकी शुरुआत मण्डला लोकसभा क्षेत्र के सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते, राज्यसभा सांसद श्रीमती सम्पतिया उइके व नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा शुक्ला ने गमले पेंट कर की। इस कार्यक्रम की अनोखे अंदाज़ में शुरुआत हुई। न कोई दीप प्रज्वलित किया गया और न कोई तस्वीर में माल्यार्पण हुआ। एक महान कलाकार की स्मृति में आयोजित रज़ा उत्सव की शुरआत अतिथियों ने गमले में पेंट कर की और इसे सच्ची श्रद्धांजलि बताया।

सांसद फग्गनसिंह कुलस्ते ने कहा कि मंडला से निकलकर विश्वपटल पर अपना नाम रोशन किया। पेंटिंग के क्षेत्र में उन्होंने नई ऊंचाई को हासिल किया, हमने पेंट कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है। मुझे यकीन है कि इससे इतिहास बनेगा। हम इसको स्थाई बनाना चाहते है। उम्मीद है कि निरंतर यह काम आगे बढ़ेगा। राज्यसभा सांसद श्रीमती सम्पतिया उइके ने कहा कि पिछले 3 सालों यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। मंडला से शुरू होकर हैदर रज़ा पूरे विश्व में प्रसिद्ध हुए। इससे कलाकारों को प्रेरणा मिलती है कि जब ककैया जैसे छोटे गाँव से पढाई कर हैदर रज़ा चित्रकारी में अपना मुकाम हासिल कर सकते है तो वो क्यों नहीं ? मंडला की माटी और नर्मदा से उन्हें कितना अटूट प्रेम था, यह इसी बात से पता चलता है कि वैभवशाली जीवन जीने के बाद भी उन्होंने मंडला जैसी छोटी जगह अपने आराम के लिए चुनी। नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा शुक्ला ने भी हैदर रज़ा को याद करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किये।

कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही कलाकारों ने गमले, दिये व गुल्लक में अपनी कला के रंग बिखेरने शुरू कर दिए। कार्यक्रम के दूसरे चरण में शाम को सांस्कृतिक संध्या का आयोजन हुआ। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित वर्मा के आतिथ्य में हुआ। इसमें विनय श्रीवास्तव (तबला वादक), दिवाकर दत्त पाण्डे (माउथ आर्गन) व चिराग उइके (ढोलक) में अपनी प्रस्तुति दी। आदित्य एवं चैतन्य ताम्बे द्वारा शास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया गया। चारू शुक्ला उपशास्त्रीय गायन प्रस्तुत किया। सोनसाय बैगा- बैगा नृत्य समूह द्वारा विशेष प्रस्तुति दी गई। 23 फरवरी की शाम 5ः30 बजे काश्वी आर्य, अदिति हरदहा, अवनि पटैल, श्रुति श्रीवास्तव, अन्वेषा जैन, एन्जल कुकरेजा व अपराजिता चैहान द्वारा समूह नृत्य प्रस्तुत किया जायेगा। अदिति हरदहा, रानी चन्द्रौल, सपना सोनी एकल नृत्य प्रस्तुत करेंगी। विशेष प्रस्तुति के अन्तर्गत श्रीमती रितु वर्मा पण्डवानी गायन की प्रस्तुति देंगी। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में रज़ा फाउण्डेशन के सदस्य सचिव संजीव चौबे, श्री अखिलेश, आशीष कछवाहा, मनोज द्विवेदी, गजेंद्र सोनी का उल्लेखनीय योगदान रहा। इस दौरान नगरपालिका उपाध्यक्ष गिरीश चंदानी, विनय मिश्रा, सुश्री शशि पटेल, सुधीर कांसकार, चंद्रेश खरे, विमलेश मिश्रा, पप्पू शर्मा, संजू दुबे, हाजी कबीरुद्दीन, उसमान खान, सीएमओ दिनेश बाघमारे, हिफजुर कुरैशी सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी उपस्थित थे।