चक्की वाले के बेटे ने किया कमाल 

चक्की वाले के बेटे ने किया कमाल 

चक्की वाले के बेटे ने किया कमाल

पोते ने किया दादा की भविष्यवाणी को सच साबित

MP PSC में टॉप कर किया सपना साकार

हर्षल चौधरी के डिप्टी कलेक्टर बनने पर जश्न का माहौल

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Syed Javed Ali
मंडला - जिले के हर्षल चौधरी ने हाल ही में घोषित एमपी पीएससी में टॉप किया है।  हर्षल के डिप्टी कलेक्टर बनने से पूरे परिवार में उत्सव का माहौल है। बचपन से मेघावी छात्र रहे हर्षिल ने ग्रेजुएशन नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी रायपुर किया। अपना सपना पूरा होने के बाद अब वो ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद यूपीएसी का भी सामना करना चाहते है।  हर्षल की माँ के साथ - साथ उसके पापा को भी गर्व है कि उनकी आटा चक्की की मेहनत की कमाई से उनके बेटे ने पढ़कर यह मुकाम हासिल किया किया है। हर्षल के दादा ने उसके जन्म के वक़्त ही उसका नाम कलेक्टर रख दिया था। आज डिप्टी कलेक्टर बन उसने अपने दादा की बात को सही साबित किया है।
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मंडला के चौधरी परिवार में ख़ुशी का माहौल है। हो भी क्यों न आखिर उनके बेटे हर्षल चौधरी ने MP PSC में टॉप किया है। हर्षल ने सर्वाधिक 1023 अंक हासिल कर प्रदेश पहला मुकाम हासिल किया है। हर्षल इसका श्रेय अपने परिजन, टीचर्स और दोस्तों को दे रहे है। हर्षल ने नेशनल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी रायपुर से अपना ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद उसका चयन कोल इंडिया की सहायक कम्पनी साउथ ईस्टर कोल फील्ड इंडिया में हो गया। हर्षिल वर्तमान में इसी कंपनी में हसदेव एरिया में सहायक प्रबंधक के पद पर पदस्थ है। हर्षिल का कहना है कि यह उनका बचपन से ही उनका सपना रहा कि वो PSC क्लियर कर डिप्टी कलेक्टर बने। इस सपने के पूरा होने से वो गदगद है। उनका कहना है कि अपनी ड्यूटी के बावजूद वो 3 से 4 घंटे पढ़ाई के लिए निकालते थे। जगह का छोटा होना या बड़ा होना कोई मायने नहीं रखता। यदि अनुशासन से रहकर पढ़ाई की जाये तो मंजिल हासिल की जा सकती है। पढ़ाई में उन्होंने इंटरनेट और यू ट्यूब का खूब सहारा लिया। वो डिप्टी कलेक्टर का पदभार ग्रहण कर इसका आनंद तो लेना चाहते है लेकिन उनका अगला लक्ष्य UPSC में चयनित होकर कलेक्टर बनना है।
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हर्षल की इस उपलब्धि पर पूरा परिवार गदगद है। चौधरी परिवार में बधाई देने वालों का तांता लगा है। लोग उनके घर पहुंचकर हर्षिल और उसके परिवार को बधाई दे रहे है। हर्षल की माँ श्रीमती दुर्गेश चौधरी का कहना है कि उनके बेटे ने टॉप कर उम्मीद से ज्यादा कर दिखाया है। उन्होंने केवल उसे प्रोत्साहित किया और उसने यह मुकाम हासिल कर लिया। उनका कहना है नर्मदा मैया और अपने पूर्वजों की कृपा से यह संभव हुआ है।
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हर्षल की इस उपलब्धि पर उसके पिता जितेंद्र चौधरी भावुक है। वो अपने बेटे पर गर्व करते नहीं थक रहे है। उनकी ख़ुशी का भी कोई ठिकाना नहीं है। दरअसल  हर्षल के पिता ने अपनी आटा चक्की की कमाई से अपने बेटे की पढ़ाई का खर्चा उठाया। उनका कहना कि उनका बेटा बचपन से ही होशियार था। उन्हें उसके चयन की तो उम्मीद लेकिन वो प्रदेश में पहला स्थान हासिल करेगा इसकी उम्मीद नहीं थी। उन्हें छप्पर फाड़ कर मिला है। उनके पिता बताते है कि उनके बेटे ने पैसे का दुरूपयोग नहीं किया। वो जानता था कि उसके पिता दिन - रात आटा चक्की में मेहनत कर वजन उठाकर कड़ी मेहनत का पैसा भेजते है। उन्होंने बताया कि हर्षिल के दादा ने उसके जन्म के वक़्त ही उसका नाम कलेक्टर रख दिया था। उसके दादा ने कहा था कि वो एक दिन कलेक्टर जरूर बनेगा। मै तो नहीं रहूँगा लेकिन जब वो कलेक्टर बनेगा तब मेरी बात याद आएगी। आज डिप्टी कलेक्टर बन उसने अपने दादा की बात को सही साबित किया है।