MP सरकार का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, जानिए कब, कौन, कैसे दे रहा है अंजाम

MP सरकार का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन, जानिए कब, कौन, कैसे दे रहा है अंजाम

भोपाल
कोरोना (corona virus) संकट के बीच मध्य प्रदेश सरकार मजदूरों (labour) की घर वापसी का बड़ा अभियान चला रही है. अब तक प्रदेश के बाहर फंसे करीब 15 हजार मजदूरों को उनके घर पहुंचाया जा चुका है. जबकि करीब 1 लाख मजदूरों को घर पहुंचाने का सिलसिला जारी है.ये वो मजदूर हैं जो लॉक डाउन (lockdown) के कारण मध्य प्रदेश (madhya pradesh) के बाहर अन्य राज्यों में फंस गए थे और उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था. इसी तरह मध्य प्रदेश के अंदर अलग-अलग जिलों में फंसे मजदूरों को घर पहुंचाने की संख्या करीब 25 हजार है.

मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का बीड़ा उठाया है. सरकार ने 9 आईएएस अधिकारियों की टीम सिर्फ इस काम के लिए तैनात की है. उन्हें जिम्मेदारी दी गयी है कि वो मजदूरों को उनके घर पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग करें. इसके बाद मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का सिलसिला शुरू हुआ.  मुख्यमंत्री खुद रोज इस काम की समीक्षा कर रहे हैं.

इन प्रवासी मज़दूरों को बसों के जरिए दूसरे राज्यों से लाया जा रहा है. राजस्थान, गुजरात और दिल्ली हरियाणा के सीमाई ज़िलों तक लाकर फिर यहां से उनके घर भेजा जा रहा है. 28 अप्रैल को 6450 मजदूर जैसलमेर से लाए गए. इन्हें 215 बसों में नीमच, आगर-मालवा, श्योपुर और गुना एन्ट्री प्वाइंट पर लाया गया. इसी तरह गुजरात से 500 और हरियाणा के 1350 मजदूर लाए गए हैं.

फिलहाल राजस्थान, गुजरात, हरियाणा से मज़दूर लौटे हैं. इसके बाद उत्तर प्रदेश से सिलसिला शुरू होगा.आज राजस्थान 2500 और 30 अप्रैल को 5 हजार मजदूर लाए जाएंगे. इससे पहले 26 अप्रैल को गुजरात से 2500 और राजस्थान से 700 मजदूर घर लौटे थे. इसी तरह 27 अप्रैल को 500 मजदूर राजस्थान से लाए गए थे.सरकार उत्तर प्रदेश में फंसे मजदूरों को भी घर लाने की तैयारी में है.

सरकार दूसरे प्रदेशों में फंसे अपने मज़दूरों को वापस ला रही है और दूसरे प्रदेशों के जो मज़दूर यहां एमपी में फंसे थे उन्हें उनके प्रदेश भेज रही है. एमपी में फंसे ऐसे25 हजार मजदूरों को अब तक पहुंचाया जा चुका है. इनके अलावा एमपी के अंदर ही अन्य जिलों में फंसे मजदूरों को भी उनके घर पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. ऐसे करीब 25 हजार मजदूरों को पिछले 4 दिन में उनके घर भेजा गया है.