रायपुर, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की एक टीम पर घात लगाकर हमला बोल दिया। नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट से जवानों की गाड़ी को उड़ा दिया। इस हमले में जिला रिजर्व गार्ड के तीन जवानों की शहीद होने की खबर है, जबकि करीब 15 जवानों के घायल होने सूचना है।
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छत्तीसगढ़ के DGP डीएम अवस्थी ने बताया कि नारायणपुर जिले में नक्सलियों की ओर से किए गए IED धमाके में तीन जवानों शहीद हो गए और कुछ जवान घायल भी हुए हैं। नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में 27 डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) जवानों की बस को निशाना बनाया। घायलों में से 5 जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हमला कडेनार और कन्हारगांव के बीच जा रही बस पर किया गया।
शोपियां मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा के 4 आतंकी ढेर, सेना का एक जवान भी घायल घटना के बाद तुरंत ITBP की 45 वीं बटालियन घायलों की मदद में जुट गई। जानकारी के मुबातिक ये जवान एक ऑपरेशन से वापस लौट रहे थे, जिसके बाद नक्सलियों ने घात लगाकर हमला बोल दिया। हमला इतना शातिराना तरीके से किया गया कि किसी को कोई भनक तक नहीं लगी। डीजाईजी अवस्थी के मुताबिक जवानों को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। सभी एक बस में सवार थे। बस जब रास्ते पर थी तो नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर दिया।
छत्तीसगढ़ में तीन साल में 970 नक्सली घटनाएं, इनमें 113 जवान शहीद
2 फरवरी 2021 को लोकसभा में नक्सली घटनाओं को लेकर सरकार से जानकारी मांगी गई थी. गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने इसका जवाब दिया था. उनके मुताबिक देश के नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सली घटनाओं में कमी आ रही है. गृह मंत्रालय के मुताबिक, 2018 में देशभर में 833 नक्सली घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो 2019 में घटकर 670 और 2020 में घटकर 665 हो गई.
हालांकि, छत्तीसगढ़ में 2019 की तुलना में 2020 में नक्सली घटनाएं बढ़ी हैं. लोकसभा में दिए जवाब में सरकार ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 2018 से लेकर 2020 तक तीन सालों में 970 नक्सली घटनाएं हुई थीं, जिनमें सुरक्षाबलों के 113 जवान शहीद हुए थे. वहीं, 2019 में छत्तीसगढ़ में 263 नक्सली घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो 2020 में करीब 20% बढ़कर 315 हो गईं. जबकि, 2019 में नक्सली हमलों में छत्तीसगढ़ में 22 जवान शहीद हुए थे और 2020 में 36 जवानों की जान गई.