dayanand chourasiaछिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने छिंदवाड़ा महापौर को पद से विमुक्त किये जाने के संबंध में दायर याचिका पर अगली सुनवाई 14 फरवरी को तय की है। सरकार द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने के खिलाफ छिंदवाड़ा महापौर कांता योगेंद्र सदारंग ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायमूर्ति सुजय पॉल ने आज याचिका की सुनवाई करते हुए अधिवक्ताओं के प्रतिवाद दिवस के कारण अगली सुनवाई 14 फरवरी को निर्धारित की है। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ता के खिलाफ सरकार किसी प्रकार का एक्शन नहीं ले। सदारंग को पद से विमुक्त करने की कार्यवाही के संबंध में प्रदेश सरकार ने 31 जनवरी को नोटिस जारी किया था। जिसके खिलाफ उन्होने हाईकोर्ट में शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि उन पर समय अनुसार बैठक नहीं करने तथा दुकान आवंटन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नोटिस जारी किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि वह भारतीय जनता पार्टी की सदस्य हैं। प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता आने के बाद उनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित होकर कार्यवाही की जा रही है।