बीजेपी में बात कहने की आजादी नहीं, सांसद खुलकर बोल भी नहीं सकते: राहुल गांधी

बीजेपी में बात कहने की आजादी नहीं, सांसद खुलकर बोल भी नहीं सकते: राहुल गांधी
नई दिल्ली, अपनी पार्टी में लोकतांत्रिक माहौल का दावा करने वाले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल बीजेपी के भीतरी माहौल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी में लोगों को अपनी बात कहने की आजादी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के कई सांसदों ने उन्हें बताया कि वे अपनी पार्टी के भीतर खुल कर अपनी बात नहीं रख सकते।

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BJP सांसदों को बताया जाता है कि क्या बोलना है

इसके बजाय उन्हें बताया जाता है कि उन्हें क्या कहना है। राहुल गांधी ने यह बात ब्राउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आशुतोष वार्ष्णेय के साथ बातचीत में कही। राहुल ने कहा कि उन्हें इस बात पर हैरानी होती है कि कांग्रेस के भीतर आंतरिक लोकतंत्र की बात तो सभी करते हैं, लेकिन बीजेपी, एसपी और बीएसपी जैसे राजनीतिक दलों से उनके यहां के आंतरिक लोकतंत्र पर क्यों कोई सवाल नहीं करता?

राष्ट्रवाद को लेकर कांग्रेस की अपनी सोच

दूसरी ओर राहुल ने कहा कि भारत को लेकर कांग्रेस की अपनी एक सोच, एक विचार रहा है। इसी तरह से राष्ट्रवाद को लेकर भी कांग्रेस की अपनी सोच रही है। कांग्रेस इसमें पूरी तरह से यकीन करती है। उन्होंने कहा कि उनके मन में कभी भी कांग्रेस के राष्ट्रवाद का विरोध करने या उस पर सवाल उठाने का ख्याल कभी आया, क्योंकि वह भी पूरी तरह से उसमें यकीन करते हैं। उल्लेखनीय है कि बीजेपी लगातार कांग्रेस को राष्ट्रवाद को लेकर घेरती ही है। इसके जवाब में राहुल का कहना था कि जितना वो (बीजेपी व संघ) इस मुद्दे को लेकर सवाल उठाएंगे, उतनी ही मजबूती से वह उनका सामना करेंगे।

काडर के सवाल पर यह बोले राहुल

वहीं राहुल ने कांग्रेस के काडर को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जवाब दिया कि कांग्रेस न तो काडर में भरोसा करती है और न ही उसे काडर चाहिए। उनका कहना था कि काडर बीजेपी या संघ के होेते हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस जिस दिन काडर आधारित पार्टी होगी, उस दिन उसमें व बीजेपी में कोई फर्क नहीं रहेगा। उनका कहना था कि हम विचारधारा पर चलते हैं और निगाेसिएशन (बातचीत कर समाधान निकालने) में विश्वास करते हैं। उनका कहना था कि कांग्रेस के सबसे बड़े निगोसिएटर महात्मा गांधी थे। उनके बाद जवाहर लाल नेहरू और बाकी लोग हुए।
मैं देश के स्टूडेंट्स के साथ बात करना चाहता हूं
दूसरी ओर राहुल ने एक स्टूडेंट के सवाल के जवाब में कहा कि वह इन तमाम मुद्दों पर अपने देश में अपने स्टूडेंट के साथ चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन वह जानते हैं कि इसकी उन्हें इजाजत नहीं होगी। कोई भी यूनिवर्सिटी उन्हें बुलाकर ऐसी चर्चा या संवाद नहीं कर सकती, क्योंकि अगर किसी ने ऐसा किया तो तुरंत उस यूनिवर्सिटी के वीसी को तलब कर लिया जाएगा। राहुल से सवाल किया गया था कि वे विदेशी यूनिवर्सिटीज के साथ तो बात करते हैं, लेकिन अपने यहां क्यों नहीं?