स्कूल की सफाई की शुरूआत हमें स्वयं करना होगा- आयुक्त बहुगुणा
शालेय स्वच्छता कार्यशाला में मीडिया, प्रशासन एवं शिक्षा विभाग हुआ शामिल
Syed Javed Ali
मण्डला - स्कूल की स्वच्छता बड़ा ही महत्वपूर्णं विषय है। विद्यालय की सफाई के लिए हम सभी को आगे आना होगा। स्कूल परिसर की सफाई के लिए हमें दूसरों पर निर्भर न रहते हुए इसकी शुरूआत हमें स्वयं करना होगा। उक्त बात संभाग आयुक्त राजेश बहुगुणा ने झंकार भवन में आयोजित शालेय स्वच्छता पर आधारित कार्यशाला में कही। उन्होंने कहा कि स्कूल की सफाई में शिक्षकों को सकारात्मकता के साथ काम करना चाहिए। विद्यालय परिसर के अंतर्गत शौचालय, किचन आदि की नियमित रूप से सफाई सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
सफाई की संस्कृति को अपनाना होगा -
आयुक्त ने कहा कि हमें घर के साथ-साथ विद्यालय की भी सफाई की संस्कृति को अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि जिस दिन हमारा समाज विद्यालय की साफ-सफाई की संस्कृति पूरी तरीके से अपना लेगा उस दिन वास्तव में स्वच्छता की अवधारणा फलीभूत होगी। श्री बहुगुणा ने कहा कि स्वच्छता के लिए अधिकांश विद्यालयों में पानी की समस्या है किन्तु जिन विद्यालयों में पानी की समस्या नहीं है वहां के शिक्षक सफाई का कार्य पहले व्यक्तिगत रूप से शुरू करें तत्पश्चात विद्यार्थियों को भी शालेय स्वच्छता में भागीदार बनायें।
शालेय स्वच्छता के कार्याें में मीडिया निभाये सकारात्मक भूमिका -
कार्यशाला में जिले की मीडिया के प्रतिनिधि भी उपस्थित हुए। चर्चा के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने शाला की स्वच्छता को और बेहतर बनाने के लिए किए जा सकने वाले उपायों पर अपने विचार रखे। आयुक्त श्री बहुगुणा ने मीडिया प्रतिनिधियों से शाला की स्वच्छता में सकारात्मक सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि शालेय स्वच्छता के कार्य एवं समाचार सकारात्मक रूप से प्रकाशित किया जाये। इस दौरान आयुक्त ने प्रतिनिधियों के सवालों के जवाब भी दिये। उन्होंने मीडिया को शालेय स्वच्छता के लिए दिये गये सुझाव एवं स्वस्थ्य परिचर्चा में भाग लेने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
सफाई किसी वर्ग विशेष की नहीं वरन् सबकी जिम्मेदारी -
आयुक्त ने समाज में प्रचलित सफाई की अवधारणा पर चर्चा करते हुए कहा कि समाज में पहले से एक वर्ग विशेष सफाई का कार्य करता आया है। हमने भी उस वर्ग विशेष पर सफाई एवं अन्य कार्यों की जिम्मेदारी थोप दी हैं किन्तु हमें इस मानसिकता को बदलना होगा। सफाई के कार्य में हर वर्ग को बराबर की सहभागिता सुनिश्चित करनी होगी। तभी बेहतर परिणाम दिखाई देंगे। श्री बहुगुणा ने जिले के ऐसे क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिये जहां पर पानी की समस्या सबसे गंभीर रूप में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि ऐसे चिन्हित क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाये ताकि जल निगम द्वारा इन क्षेत्रों में पानी के आवश्यक उपाय किये जा सकें।
’’हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा
हम बदलेंगे, युग बदलेगा’’
कलेक्टर डॉ. जगदीश चन्द्र जटिया ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि साफ-सफाई का काम हमें स्वयं से शुरू करना होगा। जब तक हम स्वयं इस कार्य में सकारात्मक रूप से भाग नहीं लेंगे तब तक स्वच्छता की बात अधूरी रहेगी। उन्होंने ’’हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा, हम बदलंेगेे, युग बदलेगा’’ पंक्तियों के माध्यम से शालेय स्वच्छता का संदेश दिया। डॉ. जटिया ने सफाई के दौरान होने वाले संक्रमण से बचाव के लिए भी पर्याप्त इंतजाम रखने की बात कही।
विद्यालय की स्वच्छता में योगदान देने वाले शिक्षक सम्मानित -
कार्यशाला में आयुक्त ने विद्यालय की स्वच्छता में स्वयं आगे आकर काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्होंने इन शिक्षकों के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि शालेय स्वच्छता में इनके द्वारा किये गये कार्य अन्य शिक्षकों को भी प्रोत्साहित करेंगे। श्री बहुगुणा ने प्रधान अध्यापक विश्वनाथ पटैल तथा श्रीमति जीवनलता परस्ते को अपने विद्यालय में सफाई सुनिश्चित करने एवं सफाई के काम मंे विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर सहभागी बनाने के लिए सम्मानित किया।
’’मेरी शाला मेरी जिम्मेदारी’’ पर पीपीटी -
शास्वत नायक ने शालेय स्वच्छता पर आधारित ’’मेरी शाला मेरी जिम्मेदारी’’ का पीपीटी प्रस्तुत किया। उन्होंने विद्यालयों की सफाई की स्थिति एवं चुनौतियों पर आधारित आंकड़ेवार प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर ज्वाईंट कमिश्नर अरविंद यादव, एडीएम मीना मसराम सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं संबंधित उपस्थित थे।