बेमेतरा, छत्तीसगढ़ में बारिश शुरू होने बाद किसान हल लेकर खेतों की ओर निकल पड़े हैं. किसानों की समस्या और परेशानी को समझने सोमवार को बेमेतरा जिले के कलेक्टर महादेव कावरे खेतों की ओर निकल पड़े. इस दौरान एक नजारा ऐसा भी देखने को मिला, जब कलेक्टर साहब ने हल से जुताई कर रहे किसान को देखकर खुद को रोक नहीं पाए और अपने जूते-मोजे उतार कर खुद ही खेत में हल जोतने के लिए उतर पड़े.
बेमेतरा के कलेक्टर महादेव कावरे ने सिंघौरी से खिलोरा ग्राम के बीच दशरथ साहू नाम के किसान को खेत में बुवाई तथा जुताई करते हुए दिखे. बेमेतरा कलेक्टर महादेव कावरे ने अपने आप को उसके दुख-दर्द को समझने के लिए खुद ही हल को थाम लिया और अपनी मुट्ठी में और सोयाबीन से भरी टोकनी लेकर बुआई करने लगे. लगभग ढाई किलो सोयाबीन की बुआई कलेक्टर महादेव कावरे ने अपने हाथों से की. वहीं दो भैंसों से बंधे नांगर के मूठ को पकड़कर कलेक्टर ने उसके ऊपर जुताई की. एक हाथ में जहां लाठी, दूसरे हाथ पर नांगर की मूठ और उस पर दबाव डालते हुए कलेक्टर ने गहरी जुताई कर डाली.
किसान दशरथ ने बताया कि कलेक्टर साहब ने जो जुताई करी है, वह अच्छी गहराई वाली है, जिससे सोयाबीन का पौधा घना होगा तथा उत्पादन भी अच्छा होगा. किसान दशरथ अपने कलेक्टर को परंपरागत ढंग से किसानी करते देख हतप्रभ रहा. कलेक्टर महादेव कावरे ने मजाक करते हुए किसान से कहा कि मोर मेहनत के फल मोला मिलही कि नहीं. कलेक्टर ने किसान से कृषि के समय आने वाली सभी प्रकार की समस्याओं की जानकारी ली तथा उन्होंने अपनी कष्ट या तकलीफ को बताने के लिए भी कहा. किसान ने प्रसन्नता पूर्वक जिला कलेक्टर को धन्यवाद प्रेषित किया, कहा कि मेरे लिए इतना ही काफी है कि एक किसान के खेत में जूता मोजा उतारकर जिलाधीश किसानी करने उतरे हैं.