आँगन में मक्की की सुरक्षा करने पिता और बहन के साथ खटिया पर सोई मासूम का तेंदुए ने किया शिकार

आँगन में मक्की की सुरक्षा करने पिता और बहन के साथ खटिया पर सोई मासूम का तेंदुए ने किया शिकार

अमझेरा
अमझेरा  वन क्षेत्र के सुल्तानपुर के समीप वन ग्राम गुनियारा मे  अपने  खेत से निकली मक्की की फसल की सुरक्षा करने  के लिए घर आँगन मे अपने पिता और बहन के    साथ खटिया पर सोई  7 वर्षिय बालिका  गुड़िया सुरसिंह को खुखार तेंदुए ने शिकार कर मोत के घाट उतार दिया,  घटना रात 12 बजे की है अपने पिता सुरसिंह बहन चिड़िया के साथ  घटिया पर सोई मासूम को अचनाक  आदमखोर तेंदुए ने  गला दबोज कर  घर के समीप जंगल की खाई की ओर  ले गया मासूम की चीख से पिता की नींद खुली तो देखा खूंखार तेंदुए के  मुँह में मासूम थी जिसकी आवाज भी आना बंद हो गई थी तत्काल पिता ने शोर मचाया  , आस पास रहवासी एकत्रित हुए  पत्थर  चलाकर ओर शोर मचा कर  तेंदुए से मासूम को छुड़ाया घटना स्थल पर ही मासूम ने दम तोड़ दिया था,

जुड़वा बहन थी गुड़िया -चिड़िया  दिवाली के पूर्व बुझा चिराग
परिजनों के मुताबिक मृतक 7 वर्षिय गुड़िया  ओर बहन चिड़िया दोनों जुड़वा बहन है , अपने पिता के साथ प्रतिदिन की तरह खटिया पर साथ सोती है बुधवार को दोनों बहनें के बीच मे पिता सोये थे जंगल खाई की दिशा में गुड़िया सोई थी जिसे खूंखार  तेंदुआ साथ ले गया,   

दशहत में है जंगल चार साल में चार मासूम आदमखोर तेंदुए का शिकार
बुधवार रात की घटना के बाद  भेरू घाट समेत अन्य जंगल क्षेत्र दहशत के माहौल में एक बार फिर आ चुका है , अमझेरा वन जंगल क्षेत्र में पिछले चार सालों में चार मासूम तेंदुए का शिकार बन चुके है ,  एक साल के अंतराल के तीन ओर लगभग चार वर्ष पहले भी भेरू घाट जंगल क्षेत्र  कड़दा  मे घर के बहार सो रहे बालक का शिकार कर मोत घाट उतारा था, वही 7 महीने बाद फिर एक ओर मासूम बालिका का शिकार होना जंगल क्षेत्र में दशहत फैला दी है।   

जानकारी के मुताबिक 23 फरवरी को नयापुरा बस्ती के समीप खेत मे फसल देखरेख के लिए अपने पिता का साथ जमीन पर सोये आनंद मजराव को  मादा तेंदुए ने मोत घाट उतारा था, इस घटना के दो माह बाद 11 अप्रैल को  हाथीपावा वनग्राम से  बालिका हजारी मुकेश को मादा तेंदुए ने हमला कर शिकार कर लिया था , 2020 की इन दोनों घटना के बाद अचानक तीसरी घटना बीती रात हो गई , यह तीनों घटना स्थल जंगल क्षेत्र के में हुई है ,  तीनो घटना एक समान भी है जिसमे मासूम बालक -बालिका  अपने माता पिता के साथ घर आँगन खेत खलियान में सोए जिन्हें आदमखोर तेंदुए में शिकार बनाया, इन तीनो घटना में पूर्व इन खूंखार  तेंदुए ने पहले मवेशी बकरी का शिकार किया बाद में इंसानों पर हमला किया , बुधवार को गुनीयारा घटना में भी यह बात सामने आई है आठ दिन पूर्व इस खूंखार तेंदुए ने बकरी का शिकार किया था  जिसकी सूचना वन विभाग को मिल चुकी थी , लगातार वन क्षेत्र में हो रही मासूमो के साथ वारदात में वन विभाग की लापरवाही भी सामने आ रही है ,सूत्रों के मुताबिक जंगलो पर विभाग कुल्हाड़ी चलाकर वन पट्टे ओर कब्जा करने मे  साठ गाँठ कर रहे है वही  जंगल लगातार  कट रहा है जिससे तेंदुए जंगल से  गाँव की ओर रुख कर रहे है। बुधवार को घटना स्थल ओर देर शाम को वन प्राणि सग्रहालय इंदौर की  रैस्क्यू टीम पहुँच गई थी पिजरे लगाने का कार्य किया जा रहा था।

इनका कहना-
घटना स्थल पर  रिस्क्यु टीम पहुँच गई है  शीघ्र सफलता मिलेगी जंगलो की कटाई पर  दण्डात्मक कार्यवाह की जायेगी।
डी एफ ओ, धार