आरजीपीवी, बीयू, हिंदी, सांची और एम्स का योग आसन

आरजीपीवी, बीयू, हिंदी, सांची और एम्स का योग आसन

भोपाल
उच्च शिक्षामंत्री जीतू पटवारी ने 15वीं बटालियन आरएपीटीसी किला मैदान पर आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने योग के आसन भी लगाए। उन्होंने योग दिवस पर सभी को बधाई देते हुए कहाकि योग से मानष्कि तनाव से मुक्ति मिलती है। इससे मन शांत रहता है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि सभी योग को अपने जीवन का एक हिस्सा बनाएं, जिससे उनके जीवन में सुख शांति बनी रहे। राजधानी में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राजधानी के सभी शैक्षणिक संस्थानों के साथ विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर, अधिकारी, विद्यार्थी और कर्मचारियों ने योग के आसन लगाए। अपनी कुर्सी का भेदभाव छोड़ कुलपति, रजिस्ट्रार से लेकर कर्मचारी और विद्यार्थी एक कतार में लगे नजर आए। सभी ने योग के अपने अपने तरीके से फायदे बताए। यहां तक कई रोगों से निजाद पाने वाले आसन लगाकर बताए गए।

बीयू
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के योग विभाग में कुलपति प्रो. आरजे राव एवं कुलसचिव डॉ अजीत कुमार श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की शुरूआत की। इसमें विद्यार्थी, शिक्षक, कर्मचारी एवं जन सामान्य ने बडी संख्या में उपस्थित होकर योगाभ्यास किया। योगाभ्यास एचओडी निर्देशन में हुआ। कार्यक्रम में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया। योग विभाग द्वारा स्कोप कॉलेज, पुर्नवास केन्द्र, एजी आफिस, भोज विश्वविद्यालय, बीएसएनएल,करूणाधाम आश्रम, एम्स, आईसीएमआर, कमला नेहरू अस्पताल, आईसीसीआर पर भी विभाग द्वारा सामूहिक योगाभ्यास कराया गया।  

भोज विवि
मप्र भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर कुलपति जयंत सोनवलकर और रजिस्ट्रार एचएस त्रिपाठी सहित दो योग प्रशिक्षकों द्वारा योग कराया गया। सूक्ष्म व्यायाम से प्रारंभ करते हुए विभिन्न आसनों को प्रायोगिक रूप से प्रदर्शित किया एवं  विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा भी योग किया गया। लगभग दो घंटे के सत्र में योग के संबंध में अपनाई जानेवाली विभिन्न सावधानियों का भी विस्तार से वर्णन किया। अंत में शांति पाठ से योग सभा का समापन हुआ।

सांची विवि         
सांची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में योग दिवस पर छात्र, प्रोफेसर, अधिकारी, कर्मचारियों ने भी योग कर योग दिवस पर अपना योगदान दिया। विश्वविद्यालय के योग विभाग के प्राध्यापकों उपेंद्र बाबू खत्री और श्याम गणपत तिखे के साथ मिलकर योग विभाग के समस्त छात्रों ने सभी सहभागियों को योग के 28 विभिन्न आसनों को करवाया। योग क्रियाओं की शुरूआत ओंकार, सरगम और अल्लाह-हू से की गई ताकि श्वास और नाभि पर नियंत्रण स्थापित किया जा सके। योग विभाग की पूरी टीम ने सभी आसनों को इतनी सरलता से प्रस्तुत किया कि प्रत्येक व्यक्ति इन्हें प्रतिदिन अपने घर, आॅफिस और अन्य कार्यस्थल पर भी आसानी से अपने ही स्थान पर बैठकर कर सकता है। खत्री ने बताया कि योग क्रियाओं की शुरूआत के पहले अपने मन-मस्तिष्क को अहंकार से खाली करते हुए अपने अस्तित्व को इस प्रकार खाली कर देना/खो देना होता है। जैसे कोई नदी, समुद्र में मिलकर विलीन हो जाती है। उनका कहना था कि भारत का पारंपरिक योग व्यायाम नहीं है बल्कि समग्रता के साथ योग क्रियाओं को करते हुए एक अस्तित्व में विलीन हो जाना है। श्री खत्री ने कहा कि योग के जरिए ही व्यक्ति परमात्मा को अपनी अंतरात्मा में धारण कर सकता है। कुलसचिव अदिति कुमार त्रिपाठी ने सभी छात्रों और कर्मचारियों के साथ योग क्रियाएं की।  

एम्स
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञानसंस्थान (एम्स) मेंअंतर्राष्ट्रीय योगदिवस में ंलगभग ढ़ाईसौ से भी ज्यादा लोगों ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ निदेशक सरमन सिंह द्वारा की गई। निदेशक सिंह ने आयुष पैथियों को अनुसंधान के क्षेत्र में बल देने के लिए कहा।इस संबंध में उन्होने एलेपैथी और आयुषपैथियों के एकीकरण का मार्गप्रशस्त करते हुए, कैंसर जैसे रोगों में नई खोज करने एवंरिसर्चप्रोजेक्ट की दिशा में कायर् करने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में संस्थान के उपनिदेशक संतोष सोहगौरा, डीन एकेडमिक डॉ. अरनीतअरोरा, वरिष्ठप्रशासनिकअधिकारी गौरव द्विवेदी एवंअन्य अधिकारियों ने भाग लेकर सहभागिता की।

आरजीपीवी
राजीवगांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में योगाचार्य लखन गुरुजी के सानिध्य में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील कुमार और कुलसचिव प्रो सुरेश सिंह कुशवाह सहित विश्वविद्यालय के प्रोफेसर,अधिकारी एवम कर्मचारियों द्वारा योग गुरु के मार्गदर्शन में योग के विभिन्न आसान किये। लखन गुरु ने इस अवसर पर योग  का मानव जीवन मे महत्व विषय पर प्रकाश डाला।

हिंदी
अटल बिहारी वाजपेई हिंदी विश्वविद्यालय के योग विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जोड़ो को लचीला बनाने वाला सूक्ष्म व्यायाम के अलावा ताड़ासन, वृक्षासन, अर्ध चक्रासन का अभ्यास किया गया। इसके बाद बैठकर किए जाने वाले आसनों में दंडासन, भद्रासन, वज्रासन, अर्ध उष्ट्रासन पूर्ण उष्ट्रासन शशांक आसन उत्तानपादासन और वक्रासन किया गया। वही पेट के बल लेटकर करने वाले आसन में मकरासन भुजंगासन शलभासन का अभ्यास किया गया। इसके बाद पीठ के बल लेटकर करने वाले आसनों में सेतुबंधासन अर्ध हलासन पवनमुक्तासन हुआ। आसनों के बाद शरीर को आराम देने वाले शवासन का अभ्यास किया गया। क्रिया में कपाल भारती प्राणायाम में नाड़ी शोधन शीतली और ब्राह्मी आसन किए गए । इस मौके पर कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज ने अपने उद्बोधन में कहा कि आत्मा शरीर रूपी घर में निवास करती है जिसे योग द्वारा स्वच्छ रखा जा सकता है। कार्यक्रम का में रजिस्ट्रार डॉ. बी भारती, योग प्रशिक्षक राहुल शर्मा, योग विभाग प्रभारी और संकाय अध्यक्ष डॉ भावना ठाकुर, प्रो रेखा राय और प्रो विजय सिंह  सहित सभी शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारियों ने योगाभ्यास किया।