कमाई और खरीदारी का मौका देगा सोशल कॉमर्स
नई दिल्ली
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जल्द ही आपको खरीदारी का भी मौका मिलने जा रहा है। विज्ञापन से कमाई पर निर्भरता कम करने और ई-कॉमर्स सेक्टर से कमाई के बड़े मौके देखते हुए फेसबुक, इंस्टाग्राम, रोपोसो, मित्रों टीवी और चिंगारी जैसे सोशल मीडिया एप्स ने नई रणनीति बनाई है। सोशल मीडिया एप्स कंपनियों से गठजोड़ कर उनके उत्पाद अपने प्लेटफॉर्म पर ब्रांडिंग और बेचने की योजना बना रहे हैं। कंपनियों का कहना है कि ई-कॉमर्स साइट के मुकाबले सोशल मीडिया पर लोग अधिक समय देते हैं। ऐसे में उनके लिए इस प्लेटफॉर्म पर उत्पाद को चयन करना और खरीदारी करना आसान होगा। सोशल मीडिया पर उत्पाद बेचने के लिए इन्फ्लूएन्सर की मदद भी ली जाएगी। इसके तहत इन्फ्लूएन्सर और कंपनियों के बीच गठजोड़ कराकर उत्पादों की बिक्री की जाएगी। इसके एवज में इन्फ्लूएन्सर को पैसे मिलेंगे। हालांकि, इन्फ्लूएन्सर बनने के लिए सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या अच्छी खासी होनी चाहिए। इस मौके का फायदा उठाकर आप भी आने वाले दिनों में सोशल मीडिया के जरिये कमाई कर सकते हैं।
कंपनियों ने शुरू की तैयारी
कोरोना संकट और सोशल डिस्टेंसिंग के चलते ई-कॉमर्स कंपनियों के कारोबार में कई गुना इजाफा हुआ है। इस बढ़े रुझान को देखते हुए सोशल प्लेटफॉर्म्स ने इस साल के अंत तक ई-कॉमर्स शुरू करने की योजना बनाई है। विडियो शेयरिंग प्लैटफॉर्म रोपोसो के फाउंडर और सीईओ नवीन तिवारी ने बताया कि उनकी कंपनी इस साल के अंत तक इन्फ्लूएन्सर आधारित सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी में है। फेसबुक बाजार और इंस्ट्राग्राम भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रही है। रोपोसो पर मौजूदा समय में 10 करोड़ यूजर्स है जिसमें से 5.5 करोड़ एक्टिव हैं। कंपनी इन्फ्लूएन्सर और वीडिया क्रिएटर की मदद से अपने उत्पाद बेचने की योजना बनाई है। इन्फ्लूएन्सर के पास उत्पाद को रीव्यू करने का अधिकार होगा। कंपनियों को अपने उत्पाद ई-कॉमर्स साइट जैसे फ्लिपकार्ट, अमेजन, मित्रा आदि पर अपने उत्पाद को सूचीबद्ध कराने की आजादी होगी।
विज्ञापन के सहारे टीके रहना संभव नहीं
सोशल मीडिया कंपनियों का मानना है कि भारत जैसे देश में सिर्फ विज्ञापन के जरिये कारोबार करना संभव नहीं है। इसके लिए दूसरे माध्यम का सहारा लेना जरूरी है। ऐसे में सोशल कॉमर्स एक बेहतरीन मॉडल है जो यूजर्स के साथ कंपनी को भी कमाई का मौका देता है।
इन्फ्लूएन्सर को ट्रेनिंग दी जाएगी
सोशल कॉमर्स के जरिये उत्पादों की ब्रांडिंग और बिक्री को बढ़ाने के लिए कंपनियों ने इन्फ्लूएन्सर को ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है। विडियो शेयरिंग प्लैटफॉर्म रोपोसो ने सोशल कॉमर्स लॉन्च करने से पहले 10 से 15 इन्फ्लूएन्सर को इस परिकल्पना को धरातल पर उतारने के लिए ट्रेनिंग देने जा रही है। साथ ही अपने प्लेटफॉर्म पर इतने ही बड़े सेलिब्रिटी को जोड़ने की योजना बनाई है। केपीएमजी इंडिया के पार्टनर और हेड, कंज्यूमर मार्केट, हर्षा राजदान ने कहा कि परंमपरागत दुकानदारों को ऑनलाइन बाजार में आने के लिए सोशल कॉमर्स सबसे आसान रास्ता है। वह इसके जरिये अपने उपभोक्ताओं के बीच अपने उत्पाद को लेकर विश्वास बहाल कर सकते हैं।
ब्रांड के साथ साझेदारी की तैयारी
रोपोसो के अलावा चिंगारी और मित्रों भी राजस्व बढ़ने के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर क्रियेटरों के साथ ब्रांडों को जोड़ने पर बातचीत कर रहे हैं। ये कंपनियां भी इसके जरिये सोशल प्लेटफॉर्म पर आने को तैयार है। चिंगारी अगले छह से नौ महीने में सोशल कॉमर्स शुरू करेगी। चिंगारी एप के मुख्य कार्यकारी और सह-संस्थापक, सुमित घोष ने बताया कि अब दौर तेजी से बदल रहा है। अभी तक कंपनियां सोशल मीडिया पर अपने ब्रांड को प्रमोट करने के लिए सिर्फ सेलिब्रिटी से ही गठजोड़ करती थी लेकिन अब वह इन्फ्लूएन्सर को जोड़ने से नहीं हिचक रही है।
इसलिए ज्यादा फायदेमंद: मित्रों के सह-संस्थापक शिवंक अग्रवाल ने कहा कि सोशल मीडिया एप्स पर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुरू करना ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि यूजर्स शॉपिंग प्लेटफॉर्म के विपरीत इन पर अधिक समय देते हैं। ऐसे में उत्पाद की बिक्री करना आसान होगा।
नियम को सख्त करने की तैयारी: सरकार सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर के विज्ञापन नियम में बदलाव की तैयारी कर रही है।विज्ञापन मानक परिषद भारत (एएससीआई) के अनुसार, सोशल मीडिया इन्फ्लूएन्सर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। 21000 करोड़ के ऑनलाइन बाजार में इन्फ्लूएन्सर की हिस्सेदारी 10 से 15 फीसदी है। ऐसे में इनके लिए नए कानून आएगा जो इन्फ्लूएन्सर की जिम्मेदारी तय करेगा। यानी अगर इन्फ्लूएन्सर पैसे लेकर गलत उत्पाद को प्रमोट करेगा तो उसे उसका भुगतान करना होगा।
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