गड़बड़ियों की खदान बनी माखनलाल यूनिवर्सिटी, पूर्व कुलपति पर लगे गंभीर आरोप

गड़बड़ियों की खदान बनी माखनलाल यूनिवर्सिटी, पूर्व कुलपति पर लगे गंभीर आरोप

भोपाल 
मध्य प्रदेश का माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय एक बार फिर चर्चा में है. विश्वविद्यालय में पिछले दिनों हुई गड़बड़ी को लेकर कई शिकातें सामने आई हैं. इनके जांच के लिए बनी कमेटी के पास 181 शिकायतें पहुंची पहुंची हैं. इनमें तो कुछ बेहद गंभीर भी हैं. भोपाल और नोएडा कैंपस में नियुक्तियों में गड़बड़ियों के साथ नए परिसर की निर्माण में भी गड़बड़ी की शिकायत मिली है. जांच कमेटी ने शिकातयतों की हकीकत जानने के लिए विवि से दस्तावेज मांगे हैं.

ये हैं मुख्य आरोप-

  • पूर्व कुलपति की महंगी शराब पीने के शौक का पैसा चुकाती थी यूनिवर्सिटी.
  • पूर्व कुलपति बीके कुठियाला के कार्यकाल में 200 नियुक्तियों में नियम की अनदेखी.
  •  2017-18 में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर रहे सांसद राकेश सिंहा, एक दिन नहीं लिया क्लास.
  • विवि में संसाधनों की खरीददारी में गड़बड़ी की शिकायत.

बता दें कि एमसीयू इस सत्र को जीरो ईयर घोषित करने की तैयारी में है. सत्र 2019-20 में यूटीडी और दूसरे कैंपस में एडमिशन नहीं दिए जाएंगे. साथ ही कोर्स में बदलाव करने की भी तैयारी की जा रही है.

जीरो ईयर का मकसद मीडिया कोर्स के सिलेबस में बदलाव कर गुणवत्ता को बढ़ाना है. लेकिन सवाल यही है कि क्या जीरो ईयर घोषित किए बिना सिलेबस में बदलाव नहीं किया जा सकता. इससे पहले साल 1997 में भी जीरो ईय़र घोषित किया गया था. जीरो ईयर होने से विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने का सपना देख रहे छात्रों को निराशा का सामना करना पड़ सकता है.

एडमिशन लेने वाले छात्रों को पूरे एक साल तक इंतजार करना होगा या फिर दूसरे संस्थानों का रूख करना होगा. वहीं जानकारी के मुताबिक विश्वविद्यालय में कुछ कोर्स बंद करने की भी तैयारी चल रही है.