ड्राई फ्रूट्स हमारे लिए बहुत फायदेमंद हैं,लेकिन ज्यादा सेवन से नुकसान भी

ड्राई फ्रूट्स हमारे लिए बहुत फायदेमंद हैं,लेकिन ज्यादा सेवन से नुकसान भी


हर किसी को ड्राई फ्रूट्स खाने चाहिए। खासतौर से सर्दी के मौसम में इन्हें खाने से बहुत फायदा होता है, क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में मौजूद फाइबर शरीर के लिए बहुत जरूरी है। यहां तक कि खुद डॉक्टर भी स्वस्थ रहने के लिए ड्राई फ्रूट खाने की नसीहत देते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा फाइबर का सेवन आपके पाचन तंत्र को खराब कर सकता है।

सूखे मेवे में पोषक तत्व और ऊर्जा का भंडार है। इसके सेवन से चेहरे पर चमक तो आती ही है, साथ अच्छी मात्रा में पोषक तत्व भी मिलते हैं। इनके फायदों के बारे में तो इतना हर कोई जानता है, लेकिन इसके नुकसान भी आपको पता होने चाहिए। ड्राई फ्रूट की तासीर गर्म होती है, इसलिए इन्हें कच्चे खाने के बजाए भिगोकर खाना चाहिए। इसके अलावा इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। ऐसे में किडनी, हाई बीपी और हाई कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इनका सेवन करना चाहिए। आपकी सेहत को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको ड्राई फूट से होने वाले 5 नुकसानों के बारे में बताएंगे।

फाइबर मानव शरीर के लिए बेहद जरूरी है। यह मल त्याग को विनियमित करने और पेट को अच्छा रखने में मदद करता है। शरीर में पोषक तत्वों की कमी ड्राय फूट्स के जरिए पूरी की जा सकती है, लेकिन इन्हें ज्यादा खाना सेहत पर भारी पड़ सकता है। इससे आपके पेट में ऐंठन, सूजन, पेट दर्द, कब्ज, दस्त की समस्या हो सकती है। इसलिए सीमित मात्रा में सूखे मेवों का सेवन करें। यह आपके स्वास्थ्य से समझौता किए बिना फाइबर के सेवन को बढ़ाएगा।

ड्राय फ्रूट्स का अधिक सेवन आपका वजन बढ़ा सकता है। लेकिन कैसे। दरअसल, इनमें कैलेारी बहुत ज्यादा होती है, जो वजन बढ़ाने के लिए जिम्मेदार है। यदि आप हर रोज सूखे मेवे खाते हैं, तो आप कुछ ही समय में मोटे हो जाएंगे। इसलिए इनकी मात्रा सीमित रखें।

ड्राई फ्रूट में पाया जाने वाला फ्रुक्टोस आपको सेहतमंद बनाता है। लेकिन ज्यादा ड्राय फ्रूट खाने से बहुत जल्दी आप दांतों को लेकर परेशान हो सकते हैं। दरअसल, सूखे मेवों में अतिरिक्त चीनी होती है, जो दांतों में चिपक जाती है। इस कारण दांतों में सड़न पैदा होती है। विशेषज्ञों की सलाह है कि ड्राई फ्रूट खाने के बाद हमेशा ब्रश करना चाहिए। इसके अलावा इस समस्या से बचने के लिए सूखे मेवे खाने के बाद हमेशा पानी पीना चाहिए।

जैसा कि बताया गया है कि कई ड्राई फ्रूट्स में चीनी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। इनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा पाया जाता है। जो ब्लड शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव का कारण बनते हैं। इस ड्रॉप डाउन की वजह से अचानक ही व्यक्ति को चीनी खाने की लत पड़ जाती है और अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करने लगता है। माना जाता है किशमिश में सबसे ज्यादा ग्लासेमिक इंडेक्स होता है।


सूखे मेवों का बहुत ज्यादा सेवन अस्थमा का कारण बन सकता है। बहुत लोग नहीं जानते, कि सूखे मेवों को संरक्षित करने के लिए सल्फर डाइऑक्साइड का उपयोग किया जाता है। यह वाकई में एक खतरनाक घटक है। यह बड़े लेवल पर ब्लीचिंग एजेंट और डिस्इंफेक्टेंट के रूप में भी यूज किया जाता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि इनका कम मात्रा में सेवन किया जाए, तो सल्फर डाइऑक्साइड किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन जब आप जरूरत से ज्यादा इसका सेवन करने लगते हैं, तो एलर्जी के साथ अस्थमा होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार अस्थमा के मरीजों को सूखे मेवों के अधिक सेवन से हमेशा बचना चाहिए।