बुलंदशहर हिंसाः डरे-सहमे गांव वाले हुए 'अंडरग्राउंड'

बुलंदशहर हिंसाः डरे-सहमे गांव वाले हुए 'अंडरग्राउंड'

बुलंदशहर 
यूपी में बुलंदशहर के चिंगरावठी पुलिस चौकी पर सोमवार हुए उपद्रव के बाद से आसपास के सभी गांवों में मंगलवार को दिन भर सन्नाटा रहा। ज्यादातर लोग गांव छोड़कर अंडरग्राउंड हो गए हैं। बंद घरों में सिर्फ महिलाएं ही खिड़कियों से झांकती हुई दिखीं। सोमवार देर रात पुलिस फोर्स की छापेमारी के चलते चिंगरावठी और महाव गांव में लोग डरे सहमे दिखे। लोगों को यह डर सता रहा है कि कहीं उन्हें भी पुलिस इस मामले में ना गिरफ्तार कर ले।  
 
डर की वजह से छोड़ा घर 
पुलिस चौकी से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित चिंगरावठी गांव के रहने वाले धनेश ने बताया कि लोग डर के मारे घर छोड़कर चले गए हैं। जबकि उनके गांव का कोई लेना देना नहीं है। जो लोग उस समय वहां पर गए भी थे, वो सिर्फ अपने अपने कामों से जा रहे थे, क्योंकि गांव से बाहर निकलने का वही रास्ता है। गोवंश के अवशेष लेकर महाव गांव वाले आए थे। आसपास के इलाके में तीन चार दिन से गोकशी की अफवाहें आ रही थीं, जिसके बारे में पुलिस चौकी पर सूचना दी गई थी। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 

घर में जबरन घुसकर तोड़फोड़ करने का आरोप 
महाव और चिंगरावठी गांव में पुलिस टीमों ने सोमवार देर रात ताबड़तोड़ दबिश दी। आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ की और महिलाओं के साथ मारपीट की। उपद्रव और हत्या के केस में नामजद आरोपी बनाए गए महाव गांव के पूर्व प्रधान राजकुमार की पत्नी प्रीति ने बताया कि रात करीब 1:30 बजे पुलिस टीम उनके घर में जबरन गेट तोड़कर घुस आई। पुलिसकर्मियों ने घर में खड़ी कार के शीशे और अन्य सामान तोड़ दिया। उन पर भी लाठियां चलाईं। जबकि उनके पति मौके पर सिर्फ इसलिए गए थे क्योंकि उनके गन्ने के खेत में गोवंश के अवशेष मिले थे। 
बहू को पीटने का आरोप 
महाव गांव के रहने वाली बुजुर्ग रतन कौर ने बताया कि उनके दोनों बेटे धर्मेंद्र व जितेंद्र फौज में हैं, जो पुणे और करगिल में तैनात हैं। लेकिन पुलिस रात में उनके घर में घुस आई। भाई की कुछ दिन पहले हुई हत्या के चलते उनकी बड़ी बहू मायके गई हुई थी। घर में छोटी बहू को पुलिसकर्मियों ने बहुत पीटा, जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। उसे मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पुलिसवालों ने उनके घर में कार और अन्य सामान तोड़ दिया। 
बता दें कि बुलंदशहर के स्याना गांव में गोकशी के शक में फैली हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत के बाद राज्य पुलिस ऐक्शन में आ गई है। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी तथा बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है। पुलिस ने इस हिंसा मामले में अबतक चार लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि 87 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि 6 टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी कर रही है।