भांग के फायदे बनाते हैं लोगों को दीवाना

भांग के फायदे बनाते हैं लोगों को दीवाना


होली का त्योहार हो और भांग की बात न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है। वैसे तो भांग का महत्व हिंदू धर्म के कई धार्मिक अनुष्ठान में भी है, लेकिन होली पर लोग शौक से इसका सेवन करते हैं। वैसे इसका बहुत ज्यादा सेवन आपको नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल करने पर भांग काफी फायदेमंद साबित होता है।

होली पर ज्यादातर लोग भांग को ठंडाई में मिलाकर पीते हैं। भांग पीने के बाद लोगों पर इसका असर अलग-अलग होता है। कुछ लोग इसे पीने के बाद खुशी महसूस करते हैं, तो कुछ लोगों को इसका नशा भयंकर रूप से हो जाता है। वे अपने आसपास की चीजों को महसूस तक नहीं कर पाते। वैसे लोग इसे पीना अच्छा नहीं मानते, लेकिन स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए, तो इसके फायदे भी कम नहीं है। इस आर्टिकल में हम आपको भांग से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं। लेकिन इससे पहले जानिए कि भांग होती क्या है और ये कैसे काम करती है।

भांग क्या है और इसे कैसे बनाते हैं
भांग एक तरह का मिश्रण है। इसमें कैनबिस सैटाइवा पौधे की पत्तियों और कलियों को सुखाकर, पीसकर और भिगोकर एक पेस्ट तैयार किया जाता है और इसे खाने और पीने की चीजों में इस्तेमाल किया जाता है। भारत में तो सदियों से भांग का सेवन किया जाता रहा है। भांग का सेवन अक्सर दही और मठ्ठा के साथ किया जाता है। कई जगह दूध में मिलाकर भी लोग इसे पीते हैं, जिसे भांग लस्सी कहते हैं। कई जगहों पर भांग को घी और चीनी के साथ मिलाकर मिठाई बनाई जाती है।

भांग कैसे काम करती है
भांग को अंग्रेजी में कैनाबिस कहते हैं। इसमें नशा होता है। दरअसल, भांग को उसके मानसिक प्रभाव और तंत्रिका तंत्र के काम करने के तरीके को प्रभावित करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। भांग में कैनाबिनोइड नामक तत्व पाया जाता है, जो दो प्रकार के होता है। टैट्राहाइड्रोकैनाबिनॉल और कैनाबिडियोल । जिसे सीबीडी और टीएचसी के नाम से भी जानते हैं। टीएचसी एक ऐसा साइकोएक्टिव कंपाउंड है, जिसका खाने या पीने में सेवन करने के बाद व्यक्ति को नशा चढऩे लगता है। जबकि सीबीडी के लाभ स्वास्थ्य से जुड़े हुए हैं।

भांग का असर
देखा जाए, तो भांग का असर बहुत ज्यादा देर तक नहीं रहता। हां, लेकिन इसे पीने के कुछ सेकंड बाद ही दिमाग हाइपर एक्टिव जरूर हो जाता है। यानि की सोचने समझने की क्षमता थोड़ी कम हो जाती है और व्यक्ति कुछ भी कुछ भी अजीबो-गरीब हरकते करने लगता है। अगर इसे पीते हैं, तो इसका नशा आने में आधे से एक घंटे का वक्त भी लग सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर इसे जरूरत से ज्यादा लिया जाए, तो दिमाग के विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। भांग के जबरदस्त फायदे-

मतली और उल्टी में राहत दिलाएं
भांग उल्टी और मतली को कम करने में मदद कर सकता है। खासतौर से कीमोथैरेपी के दुष्प्रभावों के कारण होने वाली मतली से राहत दिलाने में ये मददगार है। हालांकि इसका ज्यादा उपयोग कुछ लोगों में मतली और उलटी की समस्या को बढ़ा भी सकता है।

दर्द कम करे
भांग किसी भी तरह के पुराने दर्द को दूर करने की सबसे बढिय़ा औषधी है। कई अध्ययनों में कैनाबिस को पुराने दर्द और तंत्रिका तंत्र के दर्द के इलाज में प्रभावी माना गया है। खासतौर से फाइब्रोमाएल्जिया और रूमेटाइड आर्थराइटिस के कारण पुराने दर्द को कम करने के लिए कैनाबिनोइड्स प्रभावी हो सकते हैं।

सनबर्न का बेहतरीन इलाज
गर्मियों में तेज धूप में रहने से सनबर्न की समस्या हो जाती है। ऐसे में भांग का उपयोग बहुत अच्छा माना गया है। भांग के पत्तों को बारीक पीसकर जली हुई त्वचा पर लगाया जाए, तो यह त्वचा को ठंडक प्रदान करता है।

भांग से होने वाले अन्य फायदे
    भांग कैंसर को पूरी तरह से खत्म तो नहीं कर सकता, लेकिन कैनाबिनोइड्स कैंसर सेल्स के प्रसार को पूरी तरह से नष्ट या सामित कर सकता है।
    भांग स्लीप एपनिया, पुराने दर्द, मल्टीपल स्केलेरोसिस और फाइब्रोमायल्गिया के कारण होने वाली नींद की गड़बड़ी को कम कर सकता है।
    भांग में मौजूद यौगिक सूजन को कम कर सकते हैं।
    वजन बढ़ाने में भांग बहुत मददगार है।
    भांग को कभी-कभी चिंता, अवसाद, तनाव, नपाक्रिंसन और स्किजोफ्रेनिया सहित कई स्वस्थ्य स्थितियों के उपाय के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।
    भांग आपके सीखने और याद करने की क्षमता बढ़ाती है।
    जिन लोगों को बार-बार पेशाब आती है, उन्हें भांग का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया जाता है।
    कान के दर्द से छुटकारा दिलाने में भी भांग बहुत काम आती है। भांग की पत्तियों के रस को अगर कान में डाल दिया जाए, तो दर्द चुटकियों में दूर हो जाता है।