मायावती के फैसले से बदल सकती है गठबंधन की तस्वीर
भोपाल/रायपुर
पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों का जितना असर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पर हुआ है, उतना ही असर बहुजन समाज पार्टी पर भी हुआ है। बीजेपी की हार में सभी पार्टियां अपनी जीत भले ही देख रही हों, लेकिन सीटों की गिनती देखें तो पता लगता है कि बीएसपी के लिए अपनी स्थिति के बारे में सोचने का वक्त आ गया है। दरअसल, राजस्थान में बीएसपी की सीटों में इजाफा हुआ है लेकिन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मध्य प्रदेश में उसकी सीटें कम हो गईं।
राजस्थान में मायावती की पार्टी पिछली बार की 3 सीटों से बढ़कर 6 सीटों पर काबिज हो गई है लेकिन मध्य प्रदेश में वह 4 सीटों से 2 सीटों पर आ गई। राज्य में बीजेपी और कांग्रेस के बीच मंगलवार देर रात तक कड़ी टक्कर रही। माया के सामने अब यह डर भी है कि कहीं उनकी कुल 10 विधायक कोई तोड़ न ले। इसलिए उन्होंने बुधवार को पार्टी के बड़े नेताओं के साथ विधायकों की बैठक राजधानी दिल्ली में बुलाई है। इस मीटिंग में पार्टी इस बात पर भी चर्चा करेगी कि वह छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस को सरकार बनाने के लिए समर्थन देगी या विपक्ष में बैठेगी।
चुनाव से पहले नहीं बनी बात
खास बात यह है कि 2019 के आम चुनावों के मद्देनजर महागठबंधन बनाने को इन चुनावों से पहले मायावती कांग्रेस से गठबंधन को लेकर चर्चा में थीं। हालांकि, छत्तीसगढ़ में उन्होंने कांग्रेस की जगह पूर्व कांग्रेसी मुख्यमंत्री अजीत जोगी का दामन थाम लिया। उधर, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी कांग्रेस के चर्चा का कोई निष्कर्ष नहीं निकला और दोनों राज्यों में पार्टी अकेली उतरी।
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