'मिर्ची बाबा' का ड्रामा, कहा- समाधि नहीं लेने दी तो त्याग देंगे अन्न-जल
भोपाल
दिग्विजय सिंह की हार के बाद मिर्ची बाबा ने जिंदा समाधि लेने का प्रण किया था। लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद वह लंबे अर्से तक गायब रहे थे। दो दिन पूर्व अचानक से यह खबर आई कि बाबा 16 जून को जल समाधि लेंगे। इसके लिए उन्होंने भोपाल कलेक्टर से पत्र लिख अनुमति मांगी थी। अनुमति नहीं मिलने के बाद बाबा की नई नौटंकी शुरू हो गई है।
बाबा दिन भर भोपाल शहर के एक निजी होटल में कैद रहें। उसके बाद मीडिया से बात करने आएं। स्वामी वैराग्यानंद उर्फ मिर्ची बाबा ने कहा कि उन्हें इजाजत नहीं मिली। मैं अपने प्रण पर अडिग हूं। वैराग्यानंद ने कहा कि वे मुहूर्त के हिसाब से 16 जून को 2 बजकर 11 मिनट पर जल समाधि लेने वाले थे, लेकिन भोपाल जिला प्रशासन ने मुझे अनुमति नहीं दी।
मुहूर्त देखकर लूंगा फैसला
स्वामी वैराग्यानंद ने कहा कि मैं अभी भी अपने प्रण पर कायम हूं। आगे मैं फिर मुहूर्त निकालूंगा, उसके बाद ऐलान करूंगा। इस पर लोगों ने उनसे सवाल पूछा कि मरने के लिए भी मुहूर्त देखा जाता है क्या। तो बाबा ने कहा कि समाधि की एक प्रक्रिया होती है, इसलिए इसे मुहूर्त के हिसाब से ही किया जाता है।
20 जून से छोड़ दूंगा खाना
बाबा वैराग्यानंद ने कहा कि मैं 20 जून तक लगातार भोपाल कलेक्टर से अनुमति मांगूंगा कि मुझे जलसमाधि की इजाजत दी जाए। मिर्ची बाबा ने कहा कि अगर प्रशासन से इसके लिए मुझे परमिशन नहीं मिली तो मैं 20 जून से अन्न-जल त्याग दूंगा। उन्होंने कहा कि मैं अपनी घोषणा पर दृढ संकल्प हूं।
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