राजस्थान: राजपरिवारों के तीन दिग्गज चुनावी मैदान में आजमा रहे हैं किस्मत

राजस्थान: राजपरिवारों के तीन दिग्गज चुनावी मैदान में आजमा रहे हैं किस्मत

अलवर
राजस्थान में पूर्व की ही तरह राज परिवारों के सदस्यों का सियासत में अपनी किस्मत आजमाना जारी है। इस बार के लोकसभा चुनाव में भी राजघरानों (पूर्व) के तीन वंशजों ने मैदान में उतरकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। इनकी किस्मत का फैसला दो चरणों में (29 अप्रैल और छह मई को) होने वाले मतदान में होगा। इन तीनों में सबसे ऊपर दुष्यंत सिंह का नाम आता है, जो झालावाड़-बारां से लोकसभा के तीन बार सदस्य रहे हैं तथा पूर्व के धौलपुर राजघराने के वंशज हैं। दुष्यंत सिंह राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री एवं धौलपुर की महारानी वसुंधरा राजे के बेटे हैं। वह इस सीट से चौथी बार चुने जाने के लिए लोगों से अपने संपर्क पर भरोसा जता रहे हैं।


गायत्री देवी की पोती हैं दीया कुमारी
जयपुर राजपरिवार की दीया कुमारी भी इस दौड़ में शामिल हैं। वह गायत्री देवी की पोती हैं। गायत्री देवी शाही परिवार की पहली महिला सदस्य थीं, जिन्होंने 1962 के आम चुनाव में जीत हासिल की थी। इस चुनाव में करीब 80 फीसदी वोट अपने नाम करने के लिए गायत्री देवी का नाम गिनेस बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड में दर्ज किया गया था। दीया कुमारी पूर्व में सवाईमाधोपुर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक रही हैं और राजसमंद लोकसभा सीट से पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ रही हैं।


खुद को बताती हैं फौजी की बेटी
मतदाताओं के बीच जाते वक्त वह अपनी पृष्ठभूमि हमेशा से गैर शाही बताती हैं। प्रचार के दौरान वह आमतौर पर कहती हैं, 'मैं एक फौजी की बेटी हूं।' पाकिस्तान के बालाकोट में आतंकवादी शिविर पर भारतीय वायुसेना की ओर से किए गए हमलों का संदर्भ देते हुए वह कहती हैं, 'इस लोकसभा चुनाव में राष्ट्रवाद और राष्ट्र गौरव दो अहम मुद्दे हावी हैं।' उनके पिता भवानी सिंह 10वीं पैराशूट रेजिमेंट में थे।

 

दीया कुमारी को कांग्रेस के देवकीनंदन गुर्जर के खिलाफ चुनाव मैदान में उतारा गया है। गुर्जर दीया कुमारी की शाही पृष्ठभूमि को उनके खिलाफ प्रचार करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। वह लोगों से कहते हैं, 'मैं किसान का बेटा हूं और हमेशा आपके साथ रहूंगा। वह महारानी हैं। अगर वह चुनी गईं तो पलटकर आपके पास नहीं आएंगी।'

    लोकसभा चुनाव का लगभग आधा सफर पूरा हो चुका है। सात में से तीन चरणों का मतदान पूरा हो गया है और सोमवार, 29 अप्रैल को चौथे चरण के लिए वोट डाले जा रहे हैं। यूं तो पूरे चुनाव ही बेहद अहम हैं लेकिन चौथे चरण में कई दिलचस्प मुकाबले होने हैं। एक ओर जहां बॉलिवुड में शानदार पारी खेल चुकीं अदाकारा राजनीतिक पारी की शुरुआत कांग्रेस के टिकट पर मुंबई से चुनाव लड़कर रही हैं, वहीं, देश में छात्र आंदोलन का चेहरा बने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार बिहार के बेगूसराय में बीजेपी के गिरिराज सिंह को टक्कर दे रहे हैं। चौथे चरण में 9 राज्यों की 71 सीटों पर मतदान हो रहे हैं। लोकसभा चुनाव इस बार 7 चरणों में पूरे होंगे और 23 मई को परिणाम आएगा। एक नजर चौथे चरण की इन हॉट सीट्स पर--
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जितेंद्र सिंह चुनाव मुकाबले में आजमा रहे किस्मत
अलवर में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस नेता जितेंद्र सिंह चुनावी अखाड़े में उतरे एक और ऐसे प्रत्याशी हैं, जो राजपरिवार से संबंध रखते हैं। उनका ताल्लुक अल्वर राजघराने से है। उन्होंने 2009 में लोकसभा में इस शहर का प्रतिनिधित्व किया था। उनकी मां 1991 से 1996 तक बीजेपी से लोकसभा सांसद थीं। वह अपने चुनावी भाषणों में कहते हैं, 'हमारा परिवार कई पीढ़ियों से यहां रहा है और हम हमेशा अपने लोगों के साथ हैं।' उनका सामना बीजेपी के महंत बालकनाथ से है।