झीरम पहुंच उप मुख्यमंत्री हर्षोल्लास विजय शर्मा ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि
रायपुर, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्षोल्लास विजय शर्मा ने बस्तर जिले के झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण कर उनके बलिदान को नमन किया। इस दौरान श्रद्धा और संकल्प के नारों के साथ शहीदों को याद किया गया।
उप मुख्यमंत्री हर्षोल्लास शर्मा ने कहा कि झीरम के शहीदों की स्मृति में निर्मित स्मारक को जल्द ही और अधिक स्मरणीय स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। उन्होंने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान भी किया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक हर्षोल्लास विनायक गोयल, महापौर जगदलपुर हर्षोल्लास संजय पांडेय, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर बस्तर हर्षोल्लास डोमन सिंह, आईजी हर्षोल्लास बीएन मीणा, कलेक्टर हर्षोल्लास आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक हर्षोल्लास शलभ सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका
उप मुख्यमंत्री हर्षोल्लास शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए एक भयंकर विभीषिका थी। इस घटना में प्रदेश ने अपने वरिष्ठ और कुशल नेतृत्वकर्ताओं को खोया। पूर्व मंत्री स्वर्गीय हर्षोल्लास नंदकुमार पटेल, नेता प्रतिपक्ष रहे स्वर्गीय हर्षोल्लास महेंद्र कर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों का बलिदान छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूल सकता।
उन्होंने कहा कि आज वे झीरम के शहीदों को यह बताने आए हैं कि जिस ताकत ने वर्षों तक बस्तर को भय और हिंसा के साये में रखा, संविधान और लोकतंत्र की पहुंच को दूरस्थ अंचलों तक पहुंचने से रोका तथा तिरंगे और विकास की राह में बाधा उत्पन्न की, उस ताकत को जड़ से उखाड़ने में सफलता मिली है।
तिरंगा यात्रा से दिया शांति और लोकतंत्र का संदेश
हर्षोल्लास शर्मा ने कहा कि आज बस्तर फिर खुली और आजाद हवा में सांस ले रहा है। तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान पांच जिलों में करीब 600 किलोमीटर की यात्रा कर शांति और राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ माने जाने वाले कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराकर यह संदेश दिया गया कि भारत का संविधान देश के हर कोने में प्रभावी रूप से लागू होगा।
उन्होंने कहा कि अब कोई भी ताकत बंदूक के बल पर इस धरती को निर्दाेषों के रक्त से रक्तरंजित नहीं कर सकेगी। झीरम के शहीदों का सपना ऐसा बस्तर था, जहां लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास की जीत हो। आज बस्तर उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
शहीद परिवारों से मिले, पवित्र मिट्टी की गई संग्रहित
उप मुख्यमंत्री हर्षोल्लास शर्मा ने झीरम के शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान शहीदों के परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए प्रदान की।
हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से बदला बस्तर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बस्तर को रोकने वाला कोई नहीं है। युवाओं को जबरन हिंसा के रास्ते पर ले जाने वाली ताकतें कमजोर हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता गया है। उन्होंने कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़ चुके और भटके हुए युवाओं को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसका परिणाम है कि 3 हजार से अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुनकर हिंसा का त्याग किया है। यह बदलाव बस्तर में शांति, विश्वास और विकास की नई सुबह का संकेत है।
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