विद्यार्थी जीवन से ही लक्ष्य तय करने पर मिलती है सफलता - कलेक्टर

कोण्डागांव
‘‘विद्यार्थी जीवन से ही अपने लक्ष्य का निर्धारण कर ले फिर पूरी एकाग्रता से उसे पूरा करने के लिए एकजुट हो जाये, सफलता अवश्य आपके कदम चुमेगी।‘‘ इन कथनो के साथ दिनांक 08 सितम्बर को जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ग्राम बोरगांव स्थित कस्तुरबा बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राआंे से रुबरु हुए। विद्यालय में निवासरत छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजादी के बाद से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु कस्तुरबा विद्यालय एवं माता रुकमणी आश्रम जैसे शिक्षा संस्थानों की स्थापना की गई है ताकि दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभावान बालिकाओं को एक सर्व सुविधा युक्त शैक्षणिक वातावरण दिया जा सके। चूंकि इन आश्रमों में निर्धारित योग्यता रखने वाली छात्राओं को ही प्रवेश दिया जाता है अतः कोई भी छात्रा स्वंय को कम ना आके। क्योंकि उनके ऊपर बस्तर जिले का नाम रोशन करने की महती जिम्मेदारी है।

इस क्रम में उन्होंने महाभारत काल के अर्जुन द्वारा धर्नुविद्या में पारंगत होने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार अर्जुन ने पूर्णतः एकाग्रचित्त होकर बाणो से मत्स्य भेदन किया था उसी प्रकार विद्यार्थी जीवन में भी अपने लक्ष्य पर नजर रखकर उसे प्राप्त करने की प्राण-प्रण, प्रयास करना चाहिए। छात्राओं को पूर्व राष्ट्रपति स्व. अब्दुल कलाम आजाद से प्रेरणा लेने की सलाह देते हुए कहा कि महान राष्ट्रपति का यह कथन कि सपने वे नहीं है जो हम नींद में देखते है सपने वे होते है जो हमें सोने नहीं देते। हमेशा सभी विद्यार्थियों पर सौ फीसदी लागू होता है।  

इसके पूर्व छात्राओं के संग जिला कलेक्टर द्वारा विद्यालय परिसर में नारियल, काजू जैसे फलदार पौधो का रोपण किया गया। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं स्वंय द्वारा निर्मित स्मृति चिन्ह जिला कलेक्टर को भेंट करके आभार व्यक्त किया गया साथ ही कलेक्टर ने भी विद्यालय में पानी, बिजली, भोजन, साफ-सफाई आदि के बारे में अधीक्षिका का आवश्यक निर्देश दिए। इस मौके पर जनपद सदस्य सोमा दास, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जी.एस.सोरी, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश मिश्रा,, सीईओ जनपद पंचायत आर.के.वट्टी, बीईओ शिव प्रकाश शमार्, वनोपज संघ अध्यक्ष केशकाल झाड़ी राम सलाम,सरपंच चंद्रकला सरकार, तरुण साना सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।