अंतागढ़ टेपकांड: गवाह फिरोज सिद्दिकी का बड़ा खुसाला, कहा- जान से मारने की हो रही साजिश
रायपुर
अंतागढ़ टेपकांड के मुख्य गवाह फिरोज सिद्दिकी ने अपनी हत्या की आशंका जताकर एक बार फिर सनसनी फैला दी है. फिरोज सिद्दिकी ने मामले की SIT जांच की धीमी प्रकिया पर भी सवाल उठाए है. साथ ही इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने की बात भी कही है.
मिली जानकारी के मुताबिक अंतागढ़ टेपकांड के मुख्य गवाह फिरोज सिद्दिकी ने आरोप लगाया है कि मुझे जान से मारने की साजिश हो रही है. इसके लिए प्रशासनिक और पुलिस के अफसरों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है. सिद्दिकी की माने तो उन्हें एक्सीडेंट में मरवाया जा सकता है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि इस पूरे साजिश की जानकारी उनके करीबियों ने दी है.
अंतागढ़ टेपकांड के मुख्य गवाह फिरोज सिद्दिकी ने राज्य सरकार की गठित SIT जांच टीम पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. साथ ही जांच को जानबूझकर धीमी रखने की बात कही है. सिद्दीकी ने दावा किया है कि मामले में सरकार की गठित एसआईटी टीम और तमाम जांच प्रकिया को लेकर वो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे.
साल 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दिया था. वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था. भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे. नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. इससे भाजपा को एक तरह का वाकओवर मिल गया था. बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल वायरल हुआ था. आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई. टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी.
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