गांवों के विकास से ही देश का विकास संभव - मरकाम

गांवों के विकास से ही देश का विकास संभव - मरकाम

नारायणपुर
कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम और क्षेत्रीय विधायक एवं अध्यक्ष हस्तशिल्प विकास बोर्ड चंदन कश्यप ने भाटपाल गौठान में हरेली त्यौहार पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम पर गोधन तथा कृषि यंत्रों की पूजा-अर्चना कर गोधन न्याय योजना की शुरूआत की।

इस अवसर पर विधायक मोहन मरकाम ने नये साल के पहले त्यौहार की बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का मानना था कि देश की आत्मा गांवों में बसती है। गांवों के विकास से ही देश का विकास संभव है। इसी परिकल्पना को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं, और किसानों के हितों के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित हैं। यहां के 78 प्रतिशत लोग कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों पर आश्रित हैं। विधायक मरकाम ने कहा कि गोधन न्याय योजना से पशुपालकों की आय में वृद्धि तो होगी ही, पशुधन की खुली चराई पर भी रोक लगेगी। जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा मिलने से रासायनिक खाद के उपयोग में कमी आएगी। जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार आयेगा।

गोधन न्याय योजना के शुभारंभ अवसर पर भाटपाल की मनकी बाई से गोबर खरीदी कर खरीदी की शुरूआत की गयी और उसके क्रय पत्रक में एंट्री की गयी। कार्यक्रम में अतिथियों ने समूह की महिलाओं को क्रय पत्रक का भी वितरण किया।

विधायक चंदन कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को पुर्नजीवित करने के लिए पहले ही लागू की जा चुकी सुराजी गांव योजना के तहत नरवा-गरवा-घुरवा और बाड़ी कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। गोधन न्याय योजना इनमें से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि पहले लोग परम्परागत खेती में गोबर खाद का ही उपयोग करते थे। लेकिन रसायनिक खाद के अधिक उपयोग ने कृषि की लागत को अधिक कर दिया है। वहीं रसायनिक खाद भूमि को बंजर भी करती जा रही है।